West Bengal news : पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां Voter List से नाम हटाए जाने के बाद एक व्यक्ति ने अपने पूरे परिवार के साथ इच्छामृत्यु की मांग की है।
मध्यमग्राम के कोरा बाबूपारा इलाके में रहने वाले सुमिताभ मुखर्जी ने आरोप लगाया है कि सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने के बावजूद उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया। उन्होंने इस मामले में जिला प्रशासन और Block स्तर के अधिकारियों से कई बार संपर्क किया, लेकिन उन्हें कोई समाधान नहीं मिला।
सुमिताभ के अनुसार, उनका नाम पहले Draft Voter List में शामिल था और उन्होंने तय समय पर सभी दस्तावेज भी जमा किए थे। सुनवाई में भी वह उपस्थित हुए, लेकिन जब अंतिम सूची जारी हुई तो उनका नाम हटा दिया गया, जबकि उनके माता-पिता और पत्नी का नाम सूची में बना रहा।
उन्होंने दावा किया कि Voter List में उनके नाम के पास ‘डिलीट’ का निशान लगा दिया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सूची में एक कथित बांग्लादेशी नागरिक का नाम शामिल है, जबकि उनका नाम हटा दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सुमिताभ ने जिला मजिस्ट्रेट सह जिला निर्वाचन अधिकारी को एक याचिका देकर अपने और अपने परिवार के लिए इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी है। उनका कहना है कि वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं और उन्हें डिटेंशन कैंप भेजे जाने का डर सता रहा है।
उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि वैध मतदाताओं के नाम इस तरह से हटाना गलत है और इससे लोगों को गंभीर मानसिक परेशानी हो रही है।
वहीं, नॉर्थ 24 परगना की जिला निर्वाचन अधिकारी शिल्पा गौरीसरिया ने कहा कि इस मामले को ट्रिब्यूनल के पास भेजा जाएगा। अब Tribunal ही तय करेगा कि सुमिताभ मुखर्जी का नाम Voter List में शामिल किया जाएगा या नहीं।

