Bird Flu: कर्नाटक में बर्ड फ्लू यानी एवियन इन्फ्लुएंजा का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग अलर्ट हो गया है। बेंगलुरु के बाहरी इलाके हेसरघट्टा के पास मुथुर गांव के एक पोल्ट्री फार्म में H5N1 वायरस की पुष्टि हुई है। 14 अप्रैल को शुरुआती जांच में संक्रमण के संकेत मिलने के बाद प्रशासन ने तुरंत सख्त कदम उठाए। वायरस के फैलाव को रोकने के लिए हजारों मुर्गियों को नष्ट कर दिया गया है और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है लेकिन एहतियात जारी है।
मुथुर गांव के पोल्ट्री फार्म में मिला संक्रमण
अधिकारियों के मुताबिक बेंगलुरु के उत्तर पश्चिम में स्थित मुथुर गांव के पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों की असामान्य मौत के बाद नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। 14 अप्रैल को जांच रिपोर्ट में H5N1 वायरस की पुष्टि हुई। इसके बाद पशुपालन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और नियंत्रण उपाय शुरू किए गए।
7,444 मुर्गियां नष्ट, इलाका सील
संक्रमण की पुष्टि के बाद 16 अप्रैल को एहतियातन 7,444 मुर्गियों को नष्ट कर सुरक्षित तरीके से दफनाया गया। प्रशासन ने पोल्ट्री फार्म और आसपास के क्षेत्र को सील कर दिया है। साथ ही सख्त बायो सिक्योरिटी प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं ताकि संक्रमण आगे न फैल सके।
कर्मचारियों को क्वारंटीन, निगरानी बढ़ी
संक्रमण के खतरे को देखते हुए पोल्ट्री फार्म से जुड़े 10 कर्मचारियों को क्वारंटीन में रखा गया है। अभी तक इनमें किसी में भी संक्रमण के लक्षण नहीं मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आसपास के इलाकों में निगरानी तेज कर दी है ताकि किसी भी नए मामले का तुरंत पता लगाया जा सके।
54 दुकानें और 36 गांव निगरानी में
जिला प्रशासन ने एहतियातन 54 चिकन दुकानों और आसपास के 36 गांवों को सर्विलांस जोन में रखा है। इन क्षेत्रों में मुर्गियों की बिक्री, आवाजाही और स्वास्थ्य की नियमित जांच की जा रही है। स्थानीय अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
झील से फैले संक्रमण की आशंका
अधिकारियों का मानना है कि हेसरघट्टा क्षेत्र की झील इस संक्रमण का संभावित स्रोत हो सकती है। संभावना जताई जा रही है कि प्रवासी या जंगली पक्षियों के संपर्क से वायरस पोल्ट्री फार्म तक पहुंचा। इसके बाद आसपास की झीलों और जलाशयों की भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
प्रशासन अलर्ट, जनता से अपील
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि फिलहाल आम लोगों के लिए कोई सीधा खतरा नहीं है। हालांकि लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध स्थिति की जानकारी प्रशासन को दें। सरकार ने कहा है कि सभी विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
बर्ड फ्लू के लक्षण
बर्ड फ्लू होने पर आमतौर पर ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं
- बुखार
- थकान
- खांसी
- गले में खराश
- आंखों का संक्रमण यानी कंजंक्टिवाइटिस
- दस्त
- नाक बंद होना या बहना
- मांसपेशियों में दर्द
- मतली और उल्टी
- सांस लेने में तकलीफ
इन लक्षणों के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बर्ड फ्लू से कैसे करें बचाव
बर्ड फ्लू से बचाव के लिए इन बातों का ध्यान रखें
- बीमार मुर्गियों या पक्षियों से दूरी बनाए रखें
- पक्षियों के संपर्क में काम करते समय मास्क, दस्ताने और चश्मा पहनें
- पोल्ट्री फार्म और पशु बाड़े की नियमित सफाई करें
- पालतू जानवरों को छूते समय दस्ताने का इस्तेमाल करें
- बीमार या मृत पक्षी दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सालय को सूचना दें
- जानवरों को छूने के बाद बार बार हाथ धोएं
- बीमार जानवर के संपर्क में आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- बिना पाश्चुरीकृत दूध का सेवन न करें
- सीजनल फ्लू की वैक्सीन लगवाएं
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और घबराने की बजाय सावधानी बरतने की अपील की है।

