Babulal Marandi : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नारी वंदन अधिनियम को लेकर राज्य सरकार से झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री Hemant Soren को पत्र भी लिखा है।
रांची में भाजपा कार्यालय में आयोजित Press Conference में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल प्रस्तुत किया गया था, लेकिन आवश्यक समर्थन न मिलने के कारण यह बिल पारित नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि अगर यह बिल पारित होता, तो महिलाओं को राजनीति में अधिक प्रतिनिधित्व मिलता। उनके अनुसार लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ने का अवसर मिलता और यह देश की आधी आबादी के लिए ऐतिहासिक कदम साबित होता।
मरांडी ने कहा कि झारखंड की संस्कृति में महिलाओं को हमेशा सम्मान और महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य की वीरांगना फूलो-झानो की धरती पर महिलाओं की भूमिका हमेशा अहम रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) को ध्यान में रखते हुए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएं और नारी वंदन अधिनियम पर प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजें।
Babulal Marandi ने कहा कि यदि राज्य सरकार इस दिशा में कदम उठाती है तो यह महिलाओं के अधिकार और सम्मान की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय होगा।

