Aam Aadmi Party: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के हालिया बयान और वीडियो को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी नेता अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अब अरविंद केजरीवाल के सिपाही नहीं रहे हैं और सरकार के खिलाफ खुलकर बोलने से घबराने लगे हैं। राघव चड्ढा के बयान पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी के मुद्दे से अलग बोलने वाले नेता पर कार्रवाई की जाती है।
अनुराग ढांडा का हमला, कहा — जो डर जाए वो देश के लिए क्या लड़ेगा
अनुराग ढांडा ने कहा, हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता हमारी पहली पहचान है। जो डर जाए, वह देश के लिए क्या लड़ेगा।
उन्होंने संसद में राघव चड्ढा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को संसद में बोलने का सीमित समय मिलता है। लेकिन उस समय का इस्तेमाल देश बचाने के संघर्ष के बजाय एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने जैसे मुद्दों पर किया गया।

कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर चुप्पी का आरोप
अनुराग ढांडा ने दावा किया कि गुजरात में AAP के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को बीजेपी सरकार और पुलिस ने गिरफ्तार किया। लेकिन इस मुद्दे पर राघव चड्ढा ने संसद में आवाज नहीं उठाई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में मताधिकार छीने जाने के मुद्दे पर जब चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया, तो राघव चड्ढा ने उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।
भगवंत मान का भी निशाना, कहा — किसी और स्टेशन से बोल रहे हैं
राघव चड्ढा के वीडियो पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी निशाना साधा। मान ने आरोप लगाया कि उन्हें लगता है कि चड्ढा बीजेपी के साथ समझौता किए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि अगर पार्टी तय करती है कि किन मुद्दों पर राज्यसभा में बोलना है, लेकिन नेता कैंटीन में समोसों के दाम पर बोलता है, तो लगता है कि नेता किसी और स्टेशन से बोल रहा है। ऐसी स्थिति में पार्टी नेता पर कार्रवाई करती है।
वॉकआउट के दौरान भी सदन में बैठे रहने का आरोप
अनुराग ढांडा ने यह भी आरोप लगाया कि जब आम आदमी पार्टी ने संसद से वॉकआउट किया, तब भी राघव चड्ढा अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए सदन में बैठे रहे।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव। देश के असली मुद्दों पर बोलने से डरते हो।
सौरभ भारद्वाज ने भी घेरा
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने भी राघव चड्ढा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा संसद में सॉफ्ट पीआर कर रहे थे, जबकि पार्टी को संसद में बोलने का सीमित समय मिलता है।
सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि क्या राघव चड्ढा ने गुजरात में गिरफ्तार किए गए पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में संसद में आवाज उठाई। उन्होंने यह भी पूछा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र पर कथित हमलों के मुद्दे पर चड्ढा ने कोई ठोस पहल क्यों नहीं की।
गंभीर मुद्दों पर सक्रिय नहीं दिखे राघव चड्ढा
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि संसद में सीमित समय का उपयोग गंभीर मुद्दों को उठाने के लिए होना चाहिए। लेकिन राघव चड्ढा उस भूमिका में सक्रिय नहीं दिख रहे।
यह भी आरोप लगाया गया कि जब पार्टी सांसद वॉकआउट करते हैं, तब भी राघव चड्ढा सदन में मौजूद रहते हैं। इससे पार्टी के भीतर असंतोष और बढ़ गया है।

