Tamil Nadu Legislative Assembly Election: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में पार्टी ने कुल 27 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। पार्टी ने दुराई चंद्रसेकर, ए एम मुनिरथिनम, एस के अर्थानारी, एस मंगुडी और वी पी दुराई समेत कई जाने-माने चेहरों को टिकट दिया है। आपको बता दें कि तमिलनाडु में कांग्रेस, डीएमके के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। इस चुनाव में कांग्रेस के हिस्से में कुल 28 सीटें आई हैं, जो पिछली बार से तीन ज्यादा हैं।
सीट बंटवारे को लेकर बनी थी सहमति
चुनाव से पहले कांग्रेस और डीएमके के बीच सीट बंटवारे को लेकर लंबी बातचीत हुई थी। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने बताया था कि दोनों दलों के बीच सहमति बन गई थी।
कांग्रेस ने सरकार में हिस्सेदारी की मांग भी छोड़ दी थी। 28 विधानसभा सीट और राज्यसभा की 2 सीट के फार्मूले पर दोनों दल सहमत हुए थे। इनमें एक सीट अभी और बहुमत मिलने पर दूसरी सीट बाद में देने की बात तय हुई थी।
पी चिदंबरम ने मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के साथ इस मुद्दे पर एक और बैठक भी की थी।

स्टालिन के नेतृत्व में चुनावी मैदान
इस चुनाव के केंद्र में मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की अगुवाई वाला द्रविड़ मुनेत्र कषगम गठबंधन है। इस गठबंधन में कांग्रेस समेत एक दर्जन से ज्यादा दल शामिल हैं।
2019, 2021 और 2024 के लगातार तीन चुनाव जीतने के बाद यह गठबंधन दूसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है। इस बार का चुनाव पहले के मुकाबले ज्यादा रोचक माना जा रहा है।
डीएमके के साथ नए सहयोगी भी जुड़े
इस बार डीएमके को नए सहयोगियों का भी साथ मिला है। अभिनेता से नेता बने कमल हासन की पार्टी मक्कल निधि मय्यम और दिवंगत विजयकांत की स्थापित देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कषगम भी गठबंधन में शामिल हैं।
डीएमके इस चुनाव को तमिलनाडु बनाम एनडीए के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है। सरकार अपनी योजनाओं जैसे महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, मासिक आर्थिक सहायता और कैश ट्रांसफर को बड़ा मुद्दा बना रही है।
महिलाओं को आर्थिक मदद दोगुनी करने का वादा
मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने वादा किया है कि अगर उनकी सरकार दोबारा सत्ता में आती है, तो महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक मदद दोगुनी कर दी जाएगी।
हालांकि विपक्ष भी लगातार हमलावर है। कानून व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ अपराध, ड्रग्स का बढ़ता इस्तेमाल और परिवारवाद जैसे मुद्दों पर डीएमके सरकार को घेरा जा रहा है।

