Illegal Opium Cultivation: झारखंड में अवैध अफीम की खेती और मादक पदार्थों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
बुधवार को पुलिस मुख्यालय (Police Headquarters) में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता डीजीपी तदाशा मिश्रा ने की। बैठक में राज्य के अफीम प्रभावित आठ जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ Video Conferencing के जरिए रणनीति पर चर्चा हुई।
इस बैठक में रांची, चतरा, पलामू, चाईबासा, हजारीबाग, लातेहार, सरायकेला और खूंटी जिलों के एसपी और एसएसपी शामिल हुए।
बैठक में वर्ष 2025 में अफीम विनष्टीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई और आगे की कार्रवाई को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए।
DGP ने स्पष्ट कहा कि अब दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में अफीम की खेती का पता लगाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए Satellite तस्वीरों की मदद से खेतों की पहचान की जाएगी और तुरंत विनष्टीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, अवैध अफीम कारोबार में शामिल बड़े तस्करों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों को PIT NDPS Act के तहत सख्त कार्रवाई के लिए प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा गया है।

