Nepal New Custom Duty: नेपाल सरकार के नए फैसले ने सीमा पर रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 100 नेपाली रुपये से ज्यादा के सामान पर कस्टम ड्यूटी लगाने के नियम से आम लोगों में नाराजगी साफ दिख रही है।
सीमा पर बढ़ी सख्ती, लोगों में गुस्सा
नेपाल सरकार के इस फैसले के बाद सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि रोजमर्रा का सामान लाना भी अब महंगा पड़ रहा है, जिससे उनकी जिंदगी पर सीधा असर पड़ रहा है।
अमीरों को छूट, गरीबों पर मार
सबसे बड़ा विवाद इस बात को लेकर है कि हवाई यात्रा करने वाले लोगों को महंगे मोबाइल, सोना और शराब जैसे सामान पर छूट मिल रही है। वहीं दूसरी तरफ, जमीन के रास्ते आने वाले गरीब लोगों को मामूली सामान पर भी टैक्स देना पड़ रहा है।
सरकार का तर्क क्या है?
नेपाल सरकार का कहना है कि यह कदम राजस्व बढ़ाने और अनौपचारिक अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इससे सबसे ज्यादा असर गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है।
‘रोटी-बेटी’ के रिश्ते पर असर
भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से ‘रोटी-बेटी’ का रिश्ता रहा है। सीमा के दोनों ओर रहने वाले लोगों के बीच शादी-ब्याह और पारिवारिक संबंध आम हैं। ऐसे में अब ससुराल या मायके से लाए गए छोटे-छोटे उपहारों पर भी टैक्स लगने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
महंगाई बढ़ने का खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक नेपाल में उत्पादन लागत कम नहीं होगी और सप्लाई सिस्टम बेहतर नहीं होगा, तब तक इस तरह के टैक्स से महंगाई ही बढ़ेगी। इसका सीधा असर आम लोगों की रसोई पर पड़ेगा, जबकि बड़ी तस्करी पर इसका ज्यादा असर नहीं दिख रहा है।

