Supreme Court: पश्चिम बंगाल में 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। काउंटिंग में केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर दायर याचिका पर कोर्ट ने साफ रुख दिखा दिया।
कोर्ट ने क्या कहा?
Supreme Court of India ने कहा कि मतगणना में केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती नियमों के खिलाफ नहीं है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि इस मामले में किसी नए आदेश की जरूरत नहीं है और याचिका पर कोई खास निर्देश जारी नहीं किया गया।
चुनाव आयोग के भरोसे पर कोर्ट की मुहर
अदालत ने Election Commission of India के उस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया, जिसमें कहा गया है कि सर्कुलर को पूरी तरह से लागू किया जाएगा। सुनवाई के दौरान TMC ने अपना रुख थोड़ा नरम करते हुए कहा कि हर टेबल पर कम से कम एक राज्य सरकार का कर्मचारी भी होना चाहिए।
कपिल सिब्बल ने उठाए सवाल
TMC की ओर से वरिष्ठ वकील Kapil Sibal ने चुनाव आयोग की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग की बैठकों की जानकारी साझा नहीं की जा रही और हर टेबल पर केंद्रीय कर्मचारी की जरूरत पर भी सवाल खड़े किए।
नियमों को लेकर कोर्ट का जवाब
कोर्ट ने साफ कहा कि नियमों के मुताबिक काउंटिंग सुपरवाइजर और असिस्टेंट की नियुक्ति राज्य या केंद्र, किसी भी पूल से की जा सकती है। इसलिए इसमें कोई गलत बात नहीं है।
क्या है पूरा विवाद?
चुनाव आयोग ने 30 अप्रैल को निर्देश दिया था कि हर काउंटिंग टेबल पर सुपरवाइजर या असिस्टेंट में से एक कर्मचारी केंद्र सरकार या PSU का होना जरूरी है। TMC का आरोप है कि इससे निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है, लेकिन Calcutta High Court पहले ही इस आशंका को खारिज कर चुका है और आयोग के फैसले को सही ठहरा चुका है।

