LPG crisis: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट का असर अब भारत की रसोई और कारोबार पर भी दिखने लगा है। तेल और ऊर्जा की किल्लत के कारण देश में कमर्शियल LPG की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। कई शहरों में हालात ऐसे हो गए हैं कि होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
तेल कंपनियों की ओर से कमर्शियल LPG की सप्लाई पर फिलहाल रोक लगाए जाने से फूड इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राजस्थान की राजधानी जयपुर में गैस की किल्लत के चलते 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित बताए जा रहे हैं।
अब दो LPG सिलेंडरों की बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिन
जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने नया नियम लागू किया है। अब दो LPG सिलेंडरों की बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिन का अंतराल रखना अनिवार्य होगा।
साथ ही होटल, रेस्टोरेंट और फूड इंडस्ट्री की समस्याओं के समाधान के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक विशेष समिति भी गठित की है, जो जरूरत के अनुसार अलग-अलग सेक्टर को LPG उपलब्ध कराने की समीक्षा करेगी।
झारखंड में भी दिखा असर
मिडिल ईस्ट में बने हालात का असर झारखंड में भी देखने को मिला। रांची में धुर्वा स्थित गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग गईं। कई लोग कार, बाइक और बैटरी रिक्शा से खुद एजेंसी पहुंचकर सिलेंडर ले जाते नजर आए।
हालांकि गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है। होली के कारण सप्लाई चेन कुछ दिनों के लिए बाधित हो गई थी, लेकिन अब रोजाना सिलेंडर की सप्लाई आने लगेगी।

पुडुचेरी में 750 होटलों पर बंद होने का खतरा
पुडुचेरी में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई लगभग ठप हो गई है। इसके चलते करीब 750 होटल बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। कई बड़े होटलों ने अपने मेनू में कटौती कर दी है और ग्राहकों को सीमित व्यंजन ही परोसे जा रहे हैं।
कुछ होटलों में दोपहर के भोजन में केवल ‘कूटू’ या ‘पोरियाल’ जैसे साधारण व्यंजन ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
पुडुचेरी होटल ओनर्स एसोसिएशन के मुताबिक यहां के 99 प्रतिशत रेस्टोरेंट पूरी तरह गैस सिलेंडरों पर निर्भर हैं और खाना बनाने का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द स्थिति नहीं सुधरी तो अधिकांश होटल बंद हो सकते हैं।
चेन्नई और मुंबई में भी बढ़ी परेशानी
चेन्नई में भी गैस सिलेंडर की कमी के कारण कई होटलों ने अपने मेनू में व्यंजनों की संख्या घटा दी है। चेन्नई होटल एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष एम. रवि के मुताबिक होटलों के पास सिर्फ दो दिनों के लिए ही गैस सिलेंडर बचे हैं।
वहीं मुंबई में होटल एसोसिएशन ‘आहार’ के अनुसार गैस सप्लाई बाधित होने के कारण अब तक करीब 20 प्रतिशत होटल बंद हो चुके हैं। यदि हालात नहीं सुधरे तो अगले दो दिनों में 50 प्रतिशत होटल बंद होने की आशंका है।
लखनऊ और तिरुपुर में भी गहराया संकट
लखनऊ में भी कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई में देरी से होटल और रेस्टोरेंट संचालक परेशान हैं। पहले जहां सिलेंडर बुकिंग के अगले दिन मिल जाता था, अब पांच से सात दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।
तमिलनाडु के तिरुपुर में भी गैस की भारी कमी है। यहां रोजाना करीब 1500 सिलेंडरों की जरूरत होती है, लेकिन कमी के कारण कई रेस्टोरेंट सिर्फ दो दिन तक ही चल पाने की स्थिति में हैं। कई जगहों पर सिर्फ टमाटर चावल या खिचड़ी जैसे सीमित भोजन ही परोसे जा रहे हैं।
लाखों लोगों की भोजन व्यवस्था पर असर
तिरुपुर में रोजाना करीब दो लाख लोग रेस्टोरेंट के भोजन पर निर्भर हैं, जिनमें लगभग 50 हजार लोग पूरी तरह होटलों के खाने के भरोसे रहते हैं। ऐसे में गैस संकट से यहां बड़ा सामाजिक और आर्थिक संकट खड़ा होने की आशंका जताई जा रही है।
महंगी हुई गैस, सरकार ने लागू किया ECA
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण भारत में LPG की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। घरेलू गैस सिलेंडर करीब 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर लगभग 115 रुपये महंगा हो गया है। स्थिति को देखते हुए सरकार ने LPG पर आवश्यक वस्तु अधिनियम (ECA) लागू कर दिया है।
रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश
पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है। मंत्रालय के मुताबिक अतिरिक्त उत्पादन का उपयोग मुख्य रूप से घरेलू LPG की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा।

