New Delhi: आम आदमी पार्टी में गुरुवार को बड़ा राजनीतिक झटका लगा। पार्टी के तीन बड़े राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने AAP छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली। राज्यसभा में AAP के कुल 10 सांसद हैं और दावा किया जा रहा है कि इनमें से 7 सांसदों ने पार्टी से दूरी बनाने का फैसला किया है। AAP ने इसे बीजेपी का ‘ऑपरेशन लोटस’ बताते हुए इन नेताओं को ‘गद्दार’ कहा है।
राघव चड्ढा थे AAP के बड़े चेहरे
राज्यसभा में हर पार्टी का एक डिप्टी लीडर और व्हिप होता है, जो पार्टी की ओर से अहम जिम्मेदारी निभाते हैं। राघव चड्ढा AAP के राज्यसभा में डिप्टी लीडर थे और पार्टी के बड़े चेहरों में गिने जाते थे। लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में हालात तेजी से बदले और पार्टी के भीतर खींचतान खुलकर सामने आने लगी।
2 अप्रैल: डिप्टी लीडर पद से हटाने की शुरुआत
2 अप्रैल को AAP ने राज्यसभा सचिवालय को चिट्ठी लिखकर राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से हटाने की मांग की। उनकी जगह अशोक मित्तल का नाम आगे बढ़ाया गया। यहीं से साफ हो गया था कि पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं चल रहा है।
15 अप्रैल: ED की एंट्री से बढ़ा सस्पेंस
15 अप्रैल को ED यानी प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब यूनिवर्सिटी में छापेमारी की। यह कार्रवाई उस AAP सांसद से जुड़ी बताई गई, जिन्हें राघव चड्ढा की जगह राज्यसभा में नेतृत्व की भूमिका दी गई थी। इस घटना के बाद सियासी हलचल और तेज हो गई।
17 अप्रैल: AAP ने सुरक्षा हटाई, केंद्र ने दी Z कैटेगरी सिक्योरिटी
17 अप्रैल को केंद्र सरकार ने राघव चड्ढा को दिल्ली और पंजाब में Z कैटेगरी सुरक्षा दे दी। बताया जा रहा है कि इससे एक दिन पहले AAP ने उनकी Z+ सुरक्षा वापस ले ली थी। यानी एक तरफ पार्टी सुरक्षा हटा रही थी, दूसरी तरफ केंद्र सरकार सुरक्षा दे रही थी। इससे बीजेपी से नजदीकी की चर्चा और तेज हो गई।
दोपहर 12 बजे: AAP को लगा बड़ा झटका आने वाला है
गुरुवार दोपहर AAP को खबर मिली कि कुछ बड़ा होने वाला है। चंडीगढ़ में पार्टी के जनरल सेक्रेटरी बलतेज पन्नू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि बीजेपी राघव चड्ढा के जरिए AAP सांसदों को तोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि अमित शाह ने राघव चड्ढा को बड़ा पद ऑफर किया है और अलग पार्टी बनाने तक की बात कही गई।
केजरीवाल ने छोड़ा घर, मान ने हरभजन को किया फोन
करीब 1 बजे अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर बताया कि वह 5 फिरोजशाह रोड वाला घर छोड़ रहे हैं। बताया जाता है कि यह घर अशोक मित्तल का था, जो बीजेपी में जाने वाले थे। उसी समय पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हरभजन सिंह को कई बार फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। हरभजन उस समय मुंबई में थे।
शाम तक BJP में शामिल हो गए नेता
दोपहर 3:30 बजे राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी में जाने का ऐलान कर दिया।
शाम 4 बजे AAP नेता Sanjay Singh संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन नेताओं को ‘गद्दार’ बताया और बीजेपी पर हमला बोला।
शाम 5 बजे तीनों नेताओं ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष Nitin Navin नितिन नवीन की मौजूदगी में औपचारिक रूप से बीजेपी जॉइन कर ली।
अब दल-बदल कानून के तहत होगी कार्रवाई?
दल-बदल कानून के मुताबिक, अगर कोई सांसद अपनी पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में जाता है तो उसकी सदस्यता जा सकती है। लेकिन अगर पार्टी के दो-तिहाई यानी 67 फीसदी सांसद एक साथ दूसरी पार्टी में जाते हैं, तो उसे ‘विलय’ माना जाता है और दल-बदल कानून लागू नहीं होता। AAP के 10 राज्यसभा सांसद हैं, यानी कम से कम 7 सांसद साथ जाते हैं तो कानूनी बचाव संभव है।
AAP अब क्या करने जा रही है
फिलहाल सिर्फ 3 सांसद ही सार्वजनिक रूप से बीजेपी में शामिल होते दिखे हैं। बाकी 4 सांसदों को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। AAP के मुख्य व्हिप एनडी गुप्ता अब राज्यसभा चेयरमैन को चिट्ठी लिखकर इन तीनों के खिलाफ दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, AAP उन चिट्ठियों की सच्चाई पर भी सवाल उठाएगी, जिनमें बाकी सांसदों के नाम सामने आए हैं।

