Controversy over IAS officer in Jharkhand: झारखंड में एक बार फिर एक IAS अधिकारी को लेकर विवाद सामने आया है। इस बार मामला परिवहन सचिव राजीव रंजन से जुड़ा है। इस मुद्दे पर प्रदेश BJP ने Press Xonference कर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
BJP के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने राजीव रंजन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उनके फैसलों की जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि राजीव रंजन ने नियमों को नजरअंदाज करते हुए खुद को एक दिन के लिए परिवहन आयुक्त बना लिया, जो एक गंभीर मामला है।
अजय साह के अनुसार 10 मार्च को एक कार्यालय आदेश जारी कर राजीव रंजन ने परिवहन आयुक्त के सभी अधिकार अपने पास ले लिए।
इसके बाद अगले ही दिन 11 मार्च को दूसरे आदेश के जरिए उस फैसले को वापस भी ले लिया गया। उन्होंने इसे प्रशासनिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया।
BJP का आरोप है कि यह कदम न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और राज्य सरकार की अधिसूचनाओं का भी उल्लंघन करता है। अजय साह ने कहा कि इस तरह का फैसला प्रशासन में पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने मांग की कि उस 24 घंटे के दौरान परिवहन विभाग में लिए गए सभी निर्णयों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
साथ ही उस समय पास हुई फाइलों और लिए गए फैसलों की भी समीक्षा की जाए, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता का पता लगाया जा सके।
अजय साह ने यह भी सवाल उठाया कि इतने महत्वपूर्ण आदेश की जानकारी मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए, ताकि जिम्मेदारी तय हो सके।

