Aam Aadmi Party News: आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में अपने नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया है। उनकी जगह पंजाब से राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल को नई जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी ने इस फैसले की जानकारी राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक पत्र भेजकर दे दी है। अब डॉ. अशोक मित्तल राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के उपनेता होंगे।
राघव चड्ढा को बड़ा झटका
आम आदमी पार्टी के इस फैसले को राघव चड्ढा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पार्टी ने अचानक यह फेरबदल किया है। राघव चड्ढा को हटाकर लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर और पार्टी सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल को डिप्टी लीडर बनाया गया है।
इस फैसले से पहले भी राघव चड्ढा को लेकर कई तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही थीं। अब पार्टी के इस कदम के बाद चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
राघव चड्ढा की चुप्पी बनी चर्चा का विषय
पिछले कुछ दिनों से राघव चड्ढा पार्टी और उसके शीर्ष नेताओं से जुड़े अहम मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए थे। हाल ही में आबकारी नीति मामले में पार्टी के शीर्ष नेताओं को राहत मिली थी, लेकिन इसके बाद राघव चड्ढा की न तो अरविंद केजरीवाल से मुलाकात हुई और न ही उन्होंने सोशल मीडिया पर कोई प्रतिक्रिया दी।
उनकी इस चुप्पी को पार्टी के अंदर बढ़ती दूरियों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
अशोक मित्तल को सौंपी गई नई जिम्मेदारी
डॉ. अशोक कुमार मित्तल पार्टी के अनुभवी सांसद माने जाते हैं। उन्हें साल 2022 में पंजाब से राज्यसभा भेजा गया था। संसद के पिछले सत्रों में उन्होंने शिक्षा और कृषि जैसे मुद्दों पर सक्रियता से अपनी बात रखी है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी शांत और तार्किक कार्यशैली राज्यसभा में पार्टी के एजेंडे को आगे बढ़ाने में कितनी मदद करती है।
राज्यसभा सचिवालय को भेजा गया पत्र
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र भेजकर राघव चड्ढा की जगह अशोक मित्तल को डिप्टी लीडर बनाने की जानकारी दी है। साथ ही यह भी कहा गया है कि संसद में बोलने के लिए समय आवंटन में भी बदलाव किया जाए।
कौन हैं डॉ. अशोक मित्तल
डॉ. अशोक कुमार मित्तल पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रमुख नामों में गिने जाते हैं। वे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर भी हैं। शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर उनकी सक्रियता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है।

