Saraikela : सरायकेला जिले के चांडिल वन क्षेत्र में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। रूसुनिया पंचायत के तिरुलडीह गांव में बीती रात एक टस्कर हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने नव प्राथमिक विद्यालय में रखे मिड-डे मील के करीब डेढ़ क्विंटल चावल खा लिया। इसके बाद हाथी बाना गांव पहुंचा, जहां उसने किसान तारणि महतो के केले के बागान में घुसकर केला, कांदी और लौकी की फसल को बर्बाद कर दिया। वहीं तिरुलडीह गांव के किसान कालीपद कुम्हार की खीरा की खेती भी रौंद दी गई, जिससे पूरी फसल नष्ट हो गई।
रातभर डर में जी रहे ग्रामीण
चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से हाथियों का झुंड डेरा डाले हुए है। शाम होते ही हाथी भोजन और पानी की तलाश में गांवों में घुस जाते हैं और घरों व खेतों को नुकसान पहुंचाते हैं। लगातार बढ़ती घटनाओं के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोग रात में टॉर्च और मशाल लेकर पहरा देने को मजबूर हैं।
राशन दुकान भी बनी निशाना
ताजा घटना में हाथी ने रावताड़ा गांव में वृंदावन महतो की पीडीएस राशन दुकान का फाटक तोड़ दिया। दुकान में रखे चावल और गेहूं को नुकसान पहुंचाकर हाथी जंगल की ओर चला गया।
वन विभाग पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो वर्षों में कई हाथियों की मौत के बावजूद वन विभाग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि दलमा वन्यजीव अभयारण्य से निकलकर हाथी इस क्षेत्र में आ गए हैं। जंगल में भोजन और पानी की कमी के कारण वे गांवों की ओर रुख कर रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को वापस जंगल की ओर खदेड़ने, रात में गश्ती बढ़ाने और फसल व संपत्ति के नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। फिलहाल वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही है।

