ट्रंप ने क्यों नहीं बताई सीजफायर की समयसीमा? रणनीति भी और मजबूरी भी

Iran and US Ceasefire: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। लेकिन इस बार उन्होंने यह नहीं बताया कि सीजफायर कब तक चलेगा। इससे यह सवाल उठने लगा है कि आखिर ट्रंप ने समयसीमा तय क्यों नहीं की। इसके पीछे उनकी रणनीति भी है और मजबूरी भी।

पहले 2 हफ्ते, अब अनिश्चितकाल के लिए सीजफायर

इससे पहले ट्रंप ने दो हफ्ते के लिए सीजफायर की घोषणा की थी। लेकिन इस बार उन्होंने बिना किसी समय सीमा के सीजफायर बढ़ा दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के बिखरे हुए नेतृत्व को एक साझा प्रस्ताव तैयार करने के लिए समय देना जरूरी है। उनका मानना है कि इससे 53 दिन से जारी युद्ध खत्म करने की दिशा में प्रगति हो सकती है।

क्या बदल गई ट्रंप की रणनीति

मंगलवार को ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर सीजफायर बढ़ाने का ऐलान किया। उनके बयान का अंदाज पहले के मुकाबले ज्यादा संतुलित नजर आया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव ट्रंप की नई रणनीति का हिस्सा हो सकता है। युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है और अमेरिका के अंदर भी राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में ट्रंप फिलहाल टकराव कम करने की कोशिश करते दिख रहे हैं।

एक्सपर्ट बोले व्यावहारिक फैसला

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट के सीनियर फेलो ब्रायन कैटुलिस ने कहा कि ईरान के नेतृत्व में मतभेद हैं और ऐसे में सीजफायर बढ़ाना एक व्यावहारिक फैसला है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले से यह अनिश्चितता भी बढ़ गई है कि युद्ध आखिर कब खत्म होगा।

होर्मुज नाकेबंदी बना सबसे बड़ा मुद्दा

सीजफायर बढ़ने के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव बना हुआ है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने नाकेबंदी कर सीजफायर की शर्तों का उल्लंघन किया है। इसी वजह से ईरान इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता में शामिल नहीं हुआ। दूसरी तरफ अमेरिका ने भी नाकेबंदी नहीं हटाई है। ऐसे में शांति वार्ता की राह अभी भी मुश्किल नजर आ रही है।

ट्रंप वेट एंड वॉच मोड में

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप फिलहाल वेट एंड वॉच की रणनीति अपना रहे हैं। वह देखना चाहते हैं कि ईरान होर्मुज नाकेबंदी का दबाव कितने समय तक झेल सकता है। हालांकि ट्रंप के लिए भी मुश्किल है। जब तक होर्मुज नहीं खुलेगा तब तक तेल और गैस की कीमतें कम नहीं होंगी। इससे अमेरिका में महंगाई बढ़ेगी और इसका असर ट्रंप की राजनीति पर भी पड़ेगा।

समय खरीदा, समाधान अभी दूर

कुल मिलाकर ट्रंप ने सीजफायर की समयसीमा हटाकर अपने लिए समय जरूर खरीद लिया है। लेकिन युद्ध कैसे खत्म होगा, इस सवाल का जवाब अभी साफ नहीं है। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बरकरार है और दुनिया की नजर आगे की वार्ता और फैसलों पर टिकी हुई है।

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