New Delhi: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राघव चड्ढा समेत पार्टी छोड़ने वाले सातों राज्यसभा सांसदों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह सभी को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं। हालांकि, दूसरी ओर पार्टी ने इन सांसदों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है और उनकी सदस्यता खत्म करने की मांग भी कर दी है।
राज्यसभा सभापति से सदस्यता खत्म करने की मांग
AAP ने राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन को पत्र लिखकर उन सात सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है, जिन्होंने हाल ही में पार्टी छोड़कर भाजपा में विलय की घोषणा की है। पार्टी का कहना है कि यह साफ तौर पर दल-बदल का मामला है और संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
AAP का दावा- यह संविधान और जनता के साथ विश्वासघात
पार्टी ने कहा कि ये सांसद AAP की टिकट पर राज्यसभा पहुंचे थे, लेकिन बाद में पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का फैसला किया। AAP के मुताबिक, यह सिर्फ पार्टी नहीं बल्कि पंजाब की जनता और भारत के संविधान के साथ भी विश्वासघात है। पार्टी ने यह भी साफ किया कि जरूरत पड़ने पर इस मामले को अदालत तक ले जाया जाएगा।
राघव चड्ढा ने क्या कहा
राघव चड्ढा ने कहा, “संविधान के अनुसार, किसी पार्टी के कुल सांसदों में से दो-तिहाई सदस्य दूसरी पार्टी में विलय कर सकते हैं।” उन्होंने बताया कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सदस्य हैं, इसलिए इस मामले को उसी आधार पर देखा जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का भी दिया हवाला
AAP ने दावा किया है कि उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश से जुड़े कई मामलों में सुप्रीम कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि ऐसे मामलों में सांसदों को अयोग्य ठहराया जा सकता है। पार्टी ने संविधान की दसवीं अनुसूची का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह का राजनीतिक दल-बदल नियमों के खिलाफ है।
देशभर में AAP का विरोध प्रदर्शन
इधर आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रविवार को पंजाब, मुंबई और देश के कई हिस्सों में पार्टी छोड़ने वाले सात राज्यसभा सांसदों के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दलबदल के विरोध में सांसदों के पुतले जलाए और जमकर नारेबाजी की। मोहाली के डेरा बस्सी, खरड़, गुरदासपुर, जालंधर, पठानकोट, बठिंडा और अमृतसर समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए।
पंजाब के मंत्री हरभजन सिंह ने साधा निशाना
अमृतसर में मीडिया से बात करते हुए पंजाब के मंत्री हरभजन सिंह ने राज्यसभा सांसदों के पाला बदलने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, “इन सांसदों को पंजाब के मुद्दे उठाने के लिए राज्यसभा भेजा गया था, लेकिन उन्होंने पंजाब का एक भी बड़ा मुद्दा नहीं उठाया। इसके बजाय वे भाजपा में शामिल हो गए।” हरभजन सिंह ने कहा कि पंजाब की जनता ऐसे दलबदल करने वालों को कभी माफ नहीं करेगी।

