New Delhi : अगर आपने बैंक से होम लोन, कार लोन या किसी भी तरह का कर्ज लिया है, तो 1 जुलाई 2026 से आपके लिए राहत भरी खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नए नियम लागू करने का फैसला किया है, जिसके तहत प्राकृतिक आपदा के समय अब ग्राहकों को बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि बैंक खुद आगे आकर मदद करेगा।
अब खुद राहत देगा बैंक
अब तक आपदा के समय राहत पाने के लिए ग्राहकों को बैंक जाकर आवेदन करना पड़ता था। लेकिन नए नियम के तहत बैंक खुद पहचान करेंगे कि किन ग्राहकों को राहत की जरूरत है। बैंक EMI टाल सकते हैं, लोन की अवधि बढ़ा सकते हैं और कुछ फीस भी माफ कर सकते हैं। अगर कोई ग्राहक इस सुविधा का लाभ नहीं लेना चाहता है, तो उसके पास 135 दिनों का समय होगा, जिसमें वह इस योजना से बाहर होने का विकल्प चुन सकता है।
किन्हें मिलेगा फायदा?
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं।
लोन खाता ‘स्टैंडर्ड’ होना चाहिए
- कोई किस्त 30 दिन से ज्यादा बकाया नहीं होनी चाहिए
- आपदा के कारण खराब (NPA) हुए खाते को फिर से सामान्य बनाया जा सकेगा
आपदा में बैंक की नई जिम्मेदारियां
नए नियमों के अनुसार, आपदा के समय बैंक को जमीन पर उतरकर काम करना होगा।
- प्रभावित इलाकों में मोबाइल वैन से बैंकिंग सुविधा दी जाएगी
- जरूरत पड़ने पर कैंप लगाकर नकद वितरण किया जाएगा
- एटीएम को जल्द चालू करना और नकद व्यवस्था करना बैंक की जिम्मेदारी होगी
फीस और शर्तों में राहत
बैंक चाहें तो एक साल तक लोन से जुड़ी फीस और अतिरिक्त चार्ज कम या माफ कर सकते हैं
RBI ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे लोन पर 5% अतिरिक्त राशि सुरक्षित रखें, ताकि जोखिम संभाला जा सके
