Private School Fees : गिरिडीह जिले में निजी स्कूलों द्वारा Re-admissionके नाम पर कथित अवैध वसूली को लेकर अभिभावकों का विरोध तेज हो गया है। सोमवार को अभिभावकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से मुलाकात कर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की और लिखित ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई पूर्व जिप सदस्य राजेश यादव, धर्मेंद्र यादव, शाहबाज कादरी और मिथिलेश साव कर रहे थे। इससे पहले सभी अभिभावकों ने झंडा मैदान में बैठक कर अपनी समस्याओं पर चर्चा की और मांगों को लेकर रणनीति बनाई।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने गिरिडीह सदर अनुमंडल (Giridih Sadar subdivision) पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला उपायुक्त से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि कई निजी स्कूल छात्रों को अगली कक्षा में भेजने के नाम पर री-एडमिशन शुल्क वसूल रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है। कुछ स्कूल इस शुल्क का नाम बदलकर वसूली कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे किस्तों में लेकर अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं।
अभिभावकों ने यह भी कहा कि स्कूल ड्रेस और किताबों के नाम पर भी मनमानी की जा रही है। उन्हें तय दुकानों से ही सामान खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है, जिससे खर्च और बढ़ जाता है। उन्होंने इसे शिक्षा के नाम पर आर्थिक शोषण बताया।
इस दौरान अभिभावकों ने यह भी जानकारी दी कि सरकार के निर्देश के बावजूद कई स्कूलों ने फीस निर्धारण के लिए कमेटी का गठन नहीं किया है। इस संबंध में पहले भी निर्देश और रिमाइंडर जारी किए जा चुके हैं, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने अभिभावकों को आश्वासन दिया कि शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
मुलाकात के बाद अभिभावकों ने सभी लोगों से एकजुट होकर इस मुद्दे के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी स्कूलों की व्यवस्था बेहतर होती, तो उन्हें निजी स्कूलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इस दौरान बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे।

