LPG Gas Cylinder: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते होर्मुज स्ट्रेट में आई रुकावट ने एलपीजी संकट की आशंका बढ़ा दी है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। एक ओर घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया है, तो दूसरी ओर 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों की सप्लाई भी तेज कर दी गई है। इसके बावजूद लोगों में घबराहट कम होती नहीं दिख रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर दिन करीब 90 लाख एलपीजी बुकिंग हो रही है। आम दिनों में यह आंकड़ा करीब 50 लाख रहता था, जबकि त्योहारों के समय यह 70 लाख तक पहुंचता था। यह स्थिति तब है, जब सरकार लगातार लोगों से पैनिक बुकिंग न करने की अपील कर रही है।
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता विफल हो गई। इसके बाद ट्रंप द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी के ऐलान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव और बढ़ा दिया। इस वजह से पहले से ही दुनिया के कई देशों में तेल और एलपीजी संकट गहराने लगा है। हालांकि भारत सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं, ताकि किसी भी हाल में गैस की कमी न हो। लेकिन सरकार की अपील के बावजूद लोग घबराहट में सिलेंडर बुकिंग करते नजर आ रहे हैं।
5 किलो वाले छुटकू सिलेंडर की सप्लाई बढ़ाई
घरेलू एलपीजी सप्लाई सुचारू बनाए रखने के लिए सरकार ने 5 किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ा दी है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले से गैस की किल्लत दूर करने में मदद मिल रही है। 23 मार्च से अब तक 13 लाख से ज्यादा 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। वहीं इन सिलेंडरों की रोजाना बिक्री एक लाख यूनिट से ज्यादा हो गई है।
घरेलू उत्पादन और आयात भी बढ़ाया गया
सरकार ने मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के बाद ही घरेलू गैस उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया। इसके अलावा सिर्फ खाड़ी देशों पर निर्भर रहने के बजाय अन्य देशों से एलपीजी आयात भी बढ़ाया गया है। इसके साथ ही गैस सिलेंडर की बुकिंग टाइमलाइन में भी बदलाव किया गया है, ताकि संकट की स्थिति में लोगों में घबराहट न फैले।
PNG कनेक्शन बढ़ाने पर भी जोर
सरकार सिर्फ एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई बढ़ाने तक ही सीमित नहीं है। पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी कनेक्शन के विस्तार पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। मार्च से अब तक 4,24,000 से ज्यादा नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं। इन नए कनेक्शनों के बाद 30,000 से ज्यादा उपभोक्ताओं ने अपने पुराने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर भी कर दिए हैं। सरकार का मानना है कि पीएनजी कनेक्शन बढ़ने से एलपीजी पर दबाव कम होगा और भविष्य में किसी भी संकट से निपटना आसान होगा।

