New Delhi: आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले सात सांसदों में क्रिकेटर से नेता बने हरभजन सिंह का नाम भी शामिल है। हरभजन सिंह 10 अप्रैल 2022 को AAP की ओर से पंजाब से राज्यसभा सांसद बने थे। शुक्रवार सुबह से ही पंजाब की राजनीति में AAP के टूटने की खबर तेजी से फैलने लगी थी। जैसे ही इसकी जानकारी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को मिली, वे तुरंत सक्रिय हो गए। माना जाता है कि हरभजन सिंह को राज्यसभा भेजने में भगवंत मान की बड़ी भूमिका थी।
भगवंत मान बार-बार करते रहे कॉल, हरभजन ने नहीं उठाया फोन
सूत्रों के मुताबिक, दोपहर करीब 1 बजे भगवंत मान ने हरभजन सिंह से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन हरभजन ने उनका फोन नहीं उठाया। बताया जा रहा है कि मान ने कई बार कॉल किया, लेकिन हरभजन सिंह ने पंजाब सीएम की एक भी कॉल रिसीव नहीं की। इस समय हरभजन आईपीएल कमेंट्री के लिए मुंबई में मौजूद हैं।
2022 में शुरू हुआ था हरभजन का राजनीतिक सफर
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद हरभजन सिंह ने 2022 में आम आदमी पार्टी जॉइन की थी। मार्च 2022 में AAP ने उन्हें पंजाब से राज्यसभा के लिए नामित किया। वे बिना किसी विरोध के निर्वाचित हुए और 18 जुलाई 2022 को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली थी।
केजरीवाल को पहले ही हो गया था अंदाजा
AAP के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पार्टी में टूट का अंदेशा पहले ही हो चुका था। सूत्रों के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे उन्हें जानकारी मिल गई थी कि कुछ सांसद पार्टी छोड़ने वाले हैं। इसके बाद उन्होंने 1 बजे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि वे अपना घर बदल रहे हैं। केजरीवाल ने लिखा कि केंद्र सरकार ने कोर्ट के आदेश पर उन्हें नया घर आवंटित किया है और वे अपने परिवार के साथ वहां शिफ्ट हो गए हैं।
अशोक मित्तल का घर छोड़ने के पीछे भी थी सियासी वजह
बताया जा रहा है कि केजरीवाल पहले 5 फिरोजशाह रोड पर रहते थे, जो अशोक मित्तल का घर था। जब उन्हें पता चला कि अशोक मित्तल भी AAP छोड़ने वाले हैं, तो उन्होंने तुरंत वह घर छोड़ दिया। उस समय उनके इस ट्वीट का मतलब लोगों को समझ नहीं आया, लेकिन कुछ घंटों बाद सारी तस्वीर साफ हो गई।
AAP छोड़ने वालों को भगवंत मान ने कहा ‘गद्दार’
इधर भगवंत मान ने हरभजन सिंह समेत AAP छोड़ने वाले सभी सांसदों को गद्दार बताया और बीजेपी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी पंजाब में चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं है, इसलिए वह जोड़-तोड़ और तिकड़म की राजनीति कर रही है। मान ने इसे “वॉशिंग मशीन राजनीति” बताया, जहां दूसरे दलों के नेताओं को अपने साथ मिला लिया जाता है।
‘पंजाब के लोग AAP के साथ मजबूती से खड़े हैं’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भगवंत मान ने कहा कि बीजेपी AAP को तोड़ने की कोशिश कर रही है और यह पंजाब के लोगों के साथ विश्वासघात है। उन्होंने कहा, “जब उन्हें भगवंत मान के खिलाफ कुछ नहीं मिला, तो उन्होंने AAP को तोड़ने की कोशिश शुरू कर दी।” मान ने यह भी कहा कि पार्टी किसी एक व्यक्ति से बड़ी होती है और 6-7 लोगों के जाने से पूरा पंजाब AAP से दूर नहीं हो जाता। उनके मुताबिक, पंजाब की जनता आज भी पूरी मजबूती से AAP के साथ खड़ी है।
राघव चड्ढा समेत कई बड़े नामों ने छोड़ी पार्टी
शुक्रवार को राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने AAP छोड़ने की घोषणा की। राघव चड्ढा ने दावा किया कि AAP के 10 में से दो-तिहाई सांसद पार्टी छोड़ रहे हैं। इनमें स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता और विक्रमजीत साहनी जैसे नाम भी शामिल हैं।

