मचैल माता यात्रा 25 जुलाई से शुरू, सुरक्षा के लिए नए नियम लागू

Machail Mata Yatra 2026 : Machail Mata Temple में इस साल की वार्षिक तीर्थयात्रा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 14 अप्रैल (Baisakhi) के दिन मंदिर के कपाट खोल दिए गए और देवी की मूर्ति को मुख्य मंदिर में स्थापित कर दिया गया। हालांकि, आधिकारिक रूप से यात्रा 25 जुलाई से शुरू होगी।

हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं और इस बार भी भीड़ बढ़ने की संभावना है। लेकिन मंदिर खुलने के साथ ही चिशोती क्षेत्र के लोगों को पिछले साल की दर्दनाक घटना याद आ गई। 14 अगस्त को यहां बादल फटने के बाद आई बाढ़ में 68 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 30 से ज्यादा लोग लापता हो गए थे।

मंदिर प्रबंधन से जुड़े दलजीत सिंह राठौर ने बताया कि स्थानीय लोगों के मन में अब भी डर बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालु मंदिर (Devotee Temple) पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस साल यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

इस बार चिशोती में लंगर की व्यवस्था नहीं किए जाने की संभावना है। इसके बजाय मचैल के Base Camp में लंगर की सुविधा देने की योजना बनाई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि गांव के लोग अभी भी पिछले हादसे से डरे हुए हैं।

प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए कई नियम लागू किए हैं। पाडर के SDM अमित भगत के अनुसार, प्रतिदिन केवल 6000 श्रद्धालुओं को ही दर्शन की अनुमति दी जाएगी। साथ ही, RFID पंजीकरण के बिना किसी को यात्रा में शामिल होने की इजाजत नहीं होगी।

RFID के माध्यम से तीर्थयात्रियों की लोकेशन और जानकारी पर नजर रखी जाएगी, जिससे आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। पिछले साल की आपदा को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

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