National Highways Authority: देश के हाईवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। नेशनल हाईवे पर टोल पेमेंट को आसान बनाने के लिए शुरू की गई FASTag Annual Pass योजना अब थोड़ी महंगी होने जा रही है।
National Highways Authority of India (NHAI) के मुताबिक 1 अप्रैल से निजी वाहनों के लिए FASTag एनुअल पास की कीमत बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दी गई है। इससे पहले इसकी कीमत 3,000 रुपये थी। यह पास प्राइवेट कार, जीप और वैन जैसे नॉन-कमर्शियल वाहनों के लिए लागू होता है।
क्या है FASTag Annual Pass
FASTag Annual Pass योजना को पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य हाईवे पर बार-बार टोल देने की परेशानी को कम करना और डिजिटल टोल पेमेंट को बढ़ावा देना है।
इस योजना के तहत अगर किसी निजी वाहन में वैलिड FASTag लगा है, तो वाहन मालिक एनुअल पास ले सकता है। यह पास एक्टिव होने के बाद एक साल तक या अधिकतम 200 ट्रिप तक वैलिड रहता है, जो भी पहले पूरा हो।
तेजी से बढ़ रहे हैं यूजर्स
Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH) के आंकड़ों के अनुसार यह योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है। फिलहाल देशभर में 50 लाख से ज्यादा वाहन मालिक FASTag Annual Pass का इस्तेमाल कर रहे हैं।
नेशनल हाईवे पर निजी कारों से होने वाले लगभग 28 प्रतिशत टोल लेन-देन अब इसी एनुअल पास के जरिए हो रहे हैं। इससे साफ है कि नियमित रूप से हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों के बीच यह योजना काफी पसंद की जा रही है।
भारत में FASTag का बढ़ता इस्तेमाल
भारत में FASTag सिस्टम की शुरुआत 2016 में हुई थी और अब यह टोल पेमेंट का मुख्य माध्यम बन चुका है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में अब तक करीब 11.86 करोड़ FASTag जारी किए जा चुके हैं।
इनमें से लगभग 5.9 करोड़ FASTag सक्रिय हैं और देशभर के टोल प्लाजा पर इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं। मौजूदा समय में नेशनल हाईवे पर टोल से होने वाली 98 प्रतिशत से ज्यादा कमाई FASTag के जरिए ही हो रही है।
ऐसे खरीदें या रिन्यू करें FASTag Annual Pass
अगर आप नियमित रूप से हाईवे पर सफर करते हैं और अभी तक FASTag Annual Pass नहीं लिया है, तो इसे आसानी से ऑनलाइन खरीदा जा सकता है। इसके लिए आप NHAI और सड़क परिवहन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट या Rajmarg Yatra मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं।
यूजर को अपने FASTag अकाउंट में लॉग इन करना होता है और वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर तथा मोबाइल नंबर दर्ज करना पड़ता है। इसके बाद UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए भुगतान किया जा सकता है।
पेमेंट पूरा होने के बाद यह पास सीधे FASTag से लिंक हो जाता है और आमतौर पर 24 घंटे के अंदर एक्टिव हो जाता है। इसके बाद वाहन मालिक एक साल तक या 200 टोल पार करने तक इसका फायदा उठा सकता है।

