Jharkhand Police Action : महिला अपराध से जुड़े मामलों को लेकर पुलिस प्रशासन अब सख्त रुख अपना रहा है। पलामू, गढ़वा और लातेहार जिलों में ऐसे मामलों की लगातार समीक्षा की जा रही है। पॉक्सो और दुष्कर्म से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
पलामू रेंज के DIG किशोर कौशल खुद इन मामलों की समीक्षा कर रहे हैं। वे हर पुलिस अनुमंडल क्षेत्र में लंबित और निष्पादित मामलों की स्थिति का आकलन कर रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।
समीक्षा के दौरान कई मामलों में जांच में लापरवाही सामने आई है। Police के अनुसार, कुछ मामलों में जांच में देरी और ढिलाई के कारण आरोपियों को फायदा मिला है। ऐसे मामलों में संबंधित अनुसंधानकर्ता और Station प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
एक मामले में दिसंबर 2025 में नावाबाजार थाना क्षेत्र में एक लड़की के साथ Auto में छेड़खानी हुई थी। पीड़िता जान बचाने के लिए Auto से कूद गई थी और घायल हो गई थी। बावजूद इसके, जांच में ऑटो की पहचान और आरोपियों का पता नहीं लगाया जा सका।
दूसरे मामले में एक दिव्यांग महिला के साथ दुष्कर्म के प्रयास की घटना में भी जांच लंबित रखी गई, जिससे आरोपियों को फायदा मिला। वहीं, पांडू थाना क्षेत्र में पॉक्सो से जुड़े एक मामले में भी संवेदनशील तरीके से जांच नहीं किए जाने और कार्रवाई में देरी की बात सामने आई है।
इन मामलों में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए DIG ने नावाबाजार और पांडू थाना प्रभारी सहित तीन अनुसंधानकर्ताओं से जवाब मांगा है। स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
DIG ने कहा कि महिला अपराध के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ मामलों की जांच करें, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।

