Ranchi : झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्प को नई पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक अहम पहल की है। रविवार को सीएम हेमंत सोरेन ने राजधानी के करमटोली चौक के पास ‘जोहारग्राम – Made in Jharkhand’ शोरूम का विधिवत उद्घाटन किया। सरकार का कहना है कि इस पहल से राज्य के पारंपरिक बुनकरों और कारीगरों को बड़ा मंच मिलेगा और उनकी कला को देश-विदेश तक पहचान दिलाने में मदद मिलेगी।
सिर्फ शोरूम नहीं, झारखंड की कला का सम्मान
उद्घाटन के मौके पर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि ‘जोहारग्राम’ सिर्फ एक दुकान नहीं है, बल्कि यह झारखंड की जनजातीय विरासत और ग्रामीण कारीगरों के हुनर का सम्मान है। उन्होंने कहा कि झारखंड के गांवों में रहने वाले बुनकर और शिल्पकार लंबे समय से शानदार काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सही बाजार नहीं मिल पाता था। अब इस तरह के शोरूम के जरिए उनके उत्पाद सीधे शहरों के ग्राहकों तक पहुंच पाएंगे।
पारंपरिक और मॉडर्न डिजाइन का खास कलेक्शन
‘जोहारग्राम – Made in Jharkhand’ शोरूम को खास तौर पर झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यहां महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के लिए पारंपरिक परिधानों के साथ-साथ इंडो-वेस्टर्न ट्राइबल डिजाइन वाले कपड़ों का भी अच्छा कलेक्शन रखा गया है। यहां मिलने वाले कपड़ों और कलाकृतियों में झारखंड की पारंपरिक बुनाई, हस्तशिल्प और स्थानीय डिजाइन की झलक साफ दिखाई देती है।
स्थानीय बुनकरों और कारीगरों को मिलेगा सीधा फायदा
सरकार का कहना है कि इस शोरूम में मौजूद हर कपड़ा और डिजाइन झारखंड के स्थानीय बुनकरों और कारीगरों की मेहनत का नतीजा है। सीएम ने बताया कि यहां उपलब्ध उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि स्थानीय हुनर को एक मजबूत ब्रांड वैल्यू मिल सके। इस पहल से राज्य के ग्रामीण इलाकों में काम कर रहे कारीगरों को सीधे बाजार से जोड़ा जाएगा, जिससे उनकी आमदनी बढ़ने की उम्मीद है।

