Dearness Allowance Hike: काफी लंबे इंतजार के बाद सरकार ने महंगाई भत्ते यानी DA में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत यानी DR में भी बढ़ोतरी की गई है। कैबिनेट के इस फैसले के बाद सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है। यह बढ़ोतरी 7वें वेतन आयोग के तहत की गई है और जनवरी 2026 से लागू होगी। इसका मतलब है कि जनवरी से अप्रैल तक का एरियर भी कर्मचारियों को अप्रैल की सैलरी के साथ मिलेगा।
50 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
सरकार के इस फैसले से करीब 50.46 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68.27 लाख पेंशनर्स को फायदा मिलेगा। हालांकि इस बढ़ोतरी से सरकार पर हर साल करीब 6791.24 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी
अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 30 हजार रुपये है तो अभी तक उसे 58 प्रतिशत की दर से 17 हजार 400 रुपये महंगाई भत्ता मिल रहा था। अब 60 प्रतिशत की दर से 18 हजार रुपये मिलेंगे। इसका मतलब है कि 30 हजार रुपये बेसिक सैलरी पर हर महीने 600 रुपये का इजाफा होगा।
20 हजार बेसिक वालों को कितना फायदा
अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 20 हजार रुपये है तो अभी तक उसे 58 प्रतिशत के हिसाब से 11 हजार 600 रुपये महंगाई भत्ता मिल रहा था। अब 60 प्रतिशत की दर से 12 हजार रुपये मिलेंगे। यानी हर महीने 400 रुपये का इजाफा होगा।
जनवरी से मिलेगा एरियर
क्योंकि यह बढ़ोतरी जनवरी 2026 से लागू की गई है इसलिए कर्मचारियों को जनवरी, फरवरी, मार्च और अप्रैल का बढ़ा हुआ पैसा एक साथ मिलेगा। इससे कर्मचारियों को एकमुश्त अच्छी रकम मिल सकती है।
कैसे तय होता है महंगाई भत्ता
सरकार कर्मचारियों को महंगाई से राहत देने के लिए साल में दो बार महंगाई भत्ता बढ़ाती है। यह अतिरिक्त राशि कर्मचारियों और पेंशनर्स को सैलरी के साथ दी जाती है ताकि महंगाई का असर कम हो सके। महंगाई भत्ता CPI IW यानी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स के 12 महीने के औसत के आधार पर तय किया जाता है। पहले केंद्र सरकार महंगाई भत्ते का ऐलान करती है, इसके बाद राज्य सरकारें भी धीरे धीरे इसे लागू करती हैं। इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बढ़ती महंगाई के बीच बड़ी राहत मिलने वाली है।

