Allahabad High Court: कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दोहरी नागरिकता मामले में फिलहाल राहत मिल गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उनके खिलाफ FIR दर्ज करने के अपने ही आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि संबंधित पक्ष को नोटिस दिए बिना एफआईआर दर्ज करने का आदेश देना उचित नहीं है। हाईकोर्ट ने विपक्षी पक्ष को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल तय की है।
एक दिन पहले दिया था FIR दर्ज करने का आदेश
शुक्रवार को ओपन कोर्ट में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित दोहरी नागरिकता मामले में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इससे पहले निचली अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग खारिज कर दी थी। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कहा था कि राज्य सरकार खुद जांच करे या फिर किसी केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जाए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि यह आरोप जांच का विषय है।
बीजेपी कार्यकर्ता ने दाखिल की थी याचिका
कर्नाटक के बीजेपी कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर लखनऊ की विशेष सांसद विधायक अदालत के 28 जनवरी 2026 के आदेश को चुनौती दी थी। लखनऊ की सांसद विधायक अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि नागरिकता के मुद्दे पर फैसला करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
कई कानूनों के तहत लगाए गए आरोप
याचिकाकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता, सरकारी गोपनीयता कानून, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट एक्ट के तहत राहुल गांधी पर कई आरोप लगाए हैं।
रायबरेली से लखनऊ पहुंचा मामला
राहुल गांधी के खिलाफ शुरुआत में रायबरेली की विशेष सांसद विधायक अदालत में शिकायत दर्ज की गई थी। बाद में शिकायतकर्ता की मांग पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 17 दिसंबर 2025 को यह मामला रायबरेली से लखनऊ स्थानांतरित कर दिया था। लखनऊ की अदालत ने 28 जनवरी 2026 को याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का रुख किया था। अब हाईकोर्ट ने फिलहाल एफआईआर पर रोक लगा दी है और मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी।

