Tamil Nadu Legislative Assembly Election: महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन बिल के लोकसभा में पास नहीं होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला बयान सामने आया है। तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस और डीएमके पर जमकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर बिल पारित हो जाता तो महिलाओं को इसका सीधा फायदा मिलता। उन्होंने यह भी कहा कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और बीजेपी तथा एनडीए महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
पीएम मोदी बोले, महिलाओं को आगे लाने की थी कोशिश
तमिलनाडु में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वह जनता के बीच अपनी पीड़ा और गुस्सा जाहिर करना चाहते हैं।उन्होंने कहा कि 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया गया था। इसके बाद 16 अप्रैल को संसद और राज्य विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सभी राजनीतिक दलों से समर्थन की अपील की थी। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष चाहे तो इसका पूरा श्रेय ले सकता था, उन्हें कोई आपत्ति नहीं थी। पीएम मोदी ने कहा कि उनका मकसद सिर्फ इतना था कि साधारण परिवारों की ज्यादा से ज्यादा महिलाएं संसद और विधानसभाओं तक पहुंच सकें।
कांग्रेस और डीएमके पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुर्भाग्य से यह नेक कोशिश सफल नहीं हो सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम, कांग्रेस और उनके सहयोगियों ने घृणा और ओछी राजनीति के कारण इस बिल का विरोध किया। उन्होंने कहा कि अगर यह बिल पास हो जाता तो तमिलनाडु की कई सामान्य परिवारों की महिलाएं सांसद और विधायक बन सकती थीं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर तमिलनाडु को कई अतिरिक्त सीटें मिलने वाली थीं, लेकिन डीएमके ऐसा नहीं चाहती थी। उन्होंने कहा कि अब जनता के सामने विपक्ष की मंशा साफ हो गई है।
सरकार तलाश रही नए विकल्प
बता दें कि केंद्र सरकार लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा कर चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार महिला आरक्षण लागू करने के लिए अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रही है। सरकार का कहना है कि महिलाओं को राजनीति में अधिक प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।

