ईरान ने यूक्रेन युद्ध से सीखा सबक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलना अमेरिका के लिए क्यों मुश्किल

Iran and US War: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से हर दिन करोड़ों बैरल तेल गुजरता है। अगर यह रास्ता बंद होता है या इसे दोबारा खोलने की कोशिश होती है, तो अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए यह बेहद मुश्किल हो सकता है। ईरान की भौगोलिक स्थिति और रक्षा रणनीति इस जलडमरूमध्य को एक मजबूत प्राकृतिक सुरक्षा कवच बना देती है।

रूस-यूक्रेन युद्ध से सीखी नई रणनीति

रूस-यूक्रेन युद्ध से ईरान ने कई अहम सबक सीखे हैं। उसी के आधार पर ईरान अपनी नई सैन्य रणनीति तैयार कर रहा है। ईरान की लंबी और टेढ़ी-मेढ़ी तटरेखा में पहाड़, गुफाएं और सुरंगें हैं। इन इलाकों में ईरान छोटे हथियार, मिसाइल और ड्रोन छिपाकर रख सकता है। ऊंची पहाड़ियां और कठिन इलाका ईरान को किल जोन बनाने में मदद करते हैं, जहां दुश्मन के जहाज आसानी से निशाने पर आ सकते हैं।

छोटे द्वीप भी बन सकते हैं मिसाइल बेस

ईरान के पास कई छोटे द्वीप हैं, जिन्हें मिसाइल लॉन्च साइट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इनमें क़ेश्म द्वीप पर ईरान की मजबूत सैन्य मौजूदगी बताई जा रही है। यहां से पूरे समुद्री रास्ते पर नजर रखना आसान हो जाता है।

अमेरिकी सेना के सामने बड़ी चुनौतियां

अगर अमेरिकी नौसेना और मरीन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

  • कई जगह पानी कम गहरा है, जिससे बड़े युद्धपोत आसानी से नहीं घूम पाते
  • ईरान की मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा लगातार बना रहता है
  • टेढ़ी-मेढ़ी तटरेखा से छोटे हमले कर ईरान तुरंत गायब हो सकता है
  • लंबी तटरेखा से कई एंट्री और एग्जिट पॉइंट मिल जाते हैं

इन कारणों से अमेरिकी जहाजों को लगातार खतरा बना रहेगा।

सस्ते ड्रोन बन सकते हैं महंगे जहाजों के लिए खतरा

रूस-यूक्रेन युद्ध में देखा गया कि छोटे और सस्ते ड्रोन भी बड़ी सैन्य ताकत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ईरान भी इसी रणनीति पर काम कर रहा है। महंगे अमेरिकी युद्धपोतों के खिलाफ सस्ते लेकिन प्रभावी ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

खाड़ी देशों पर भी मंडरा सकता है खतरा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास सऊदी अरब, बहरीन, कतर और यूएई की बड़ी तेल रिफाइनरियां और टर्मिनल मौजूद हैं। अगर संघर्ष बढ़ता है तो इन इलाकों को भी निशाना बनाया जा सकता है।

56 किलोमीटर चौड़ा लेकिन बेहद संवेदनशील रास्ता

करीब 56 किलोमीटर चौड़े इस शिपिंग रूट को नियंत्रित करना आसान नहीं है। ईरान यहां से गुजरने वाले जहाजों को आसानी से रोक सकता है। अमेरिकी सेना को भारी नुकसान का खतरा है, इसलिए वे वैकल्पिक रास्तों की तलाश कर रहे हैं। लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे व्यस्त तेल मार्ग है।

प्राकृतिक किले जैसा बना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान के लिए प्राकृतिक किले की तरह है। इसे खोलने की कोशिश करने वाले देशों को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। ईरान ने यूक्रेन युद्ध से एसिमेट्रिक जंग, ड्रोन हमले और भूगोल का फायदा उठाने की रणनीति सीखी है। यह स्थिति दिखाती है कि आधुनिक युद्ध में सिर्फ बड़ी सेना ही नहीं, बल्कि स्मार्ट रणनीति और भौगोलिक फायदा भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

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