New Delhi: आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने शनिवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गई हैं। करीब 20 साल पुराना AAP से रिश्ता खत्म करते हुए मालीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया और अरविंद केजरीवाल पर जमकर हमला बोला। इससे पहले शुक्रवार को राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी बीजेपी में शामिल हो चुके थे। उस समय दावा किया गया था कि AAP के 4 और सांसद—स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता और विक्रमजीत साहनी भी बीजेपी का दामन थामेंगे।
राघव चड्ढा के दावे पर लगी मुहर
अब राघव चड्ढा के दावे को सही साबित करते हुए स्वाति मालीवाल ने खुद बीजेपी जॉइन करने की पुष्टि कर दी है। बीजेपी में शामिल होने के बाद मालीवाल ने कहा कि उन्होंने यह फैसला किसी दबाव में नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्वास के कारण लिया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो भी रचनात्मक राजनीति करना चाहते हैं, वे बीजेपी से जुड़ें।
केजरीवाल पर लगाए गंभीर आरोप
बीजेपी जॉइन करने के बाद स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “मैं 2006 से केजरीवाल के साथ थी, उनके हर आंदोलन में साथ दिया, लेकिन उन्होंने अपने ही घर में मुझे एक गुंडे से पिटवाया। जब मैंने आवाज उठाई तो मुझे डराया गया, धमकाया गया और मुझ पर FIR वापस लेने का दबाव बनाया गया।”
मालीवाल ने केजरीवाल को ‘महिला विरोधी’ बताते हुए कहा कि पिछले दो सालों में उन्हें संसद में एक बार भी बोलने का मौका नहीं दिया गया, जो बेहद शर्मनाक है।
PM मोदी और अमित शाह की खुलकर तारीफ
स्वाति मालीवाल ने कहा कि एक तरफ अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के लिए जाने जाते हैं, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, जो दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने कहा, “चाहे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मनों के घरों में घुसकर जवाब देना हो, देश से नक्सलवाद खत्म करना हो या संसद में महिला आरक्षण बिल पेश करना—PM मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के विकास के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए हैं।”
‘मजबूरी में नहीं, भरोसे से BJP जॉइन की’
स्वाति मालीवाल ने साफ कहा कि उन्होंने बीजेपी किसी मजबूरी में नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर भरोसा होने की वजह से जॉइन की है। उन्होंने कहा कि जो लोग सकारात्मक और रचनात्मक राजनीति करना चाहते हैं, उन्हें बीजेपी के साथ जुड़ना चाहिए। मालीवाल के इस फैसले को AAP के लिए एक और बड़े राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है।

