महिला आरक्षण बिल पर अमित शाह का बयान, दक्षिण राज्यों के प्रतिनिधित्व को लेकर भ्रम दूर किया

Amit Shah Statement ; लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बिल को लेकर गलत धारणाएं फैलाई जा रही हैं, खासकर यह कि इससे दक्षिण भारत के राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा।

अमित शाह ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से भ्रम है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संशोधन विधेयक, परिसीमन और चुनाव प्रक्रिया में बदलाव से जुड़े कानूनों से किसी भी राज्य का नुकसान नहीं होगा। उन्होंने आंकड़ों के जरिए बताया कि इन बदलावों के बाद South India के राज्यों की सीटों में बढ़ोतरी ही होगी।

उन्होंने बताया कि Karnataka की सीटें 28 से बढ़कर 42 होंगी, आंध्र प्रदेश की 25 से 38, तेलंगाना की 17 से 26, तमिलनाडु की 49 से 59 और केरल की 20 से 30 सीटें हो जाएंगी। इससे इन राज्यों का प्रतिशत भी लगभग समान या थोड़ा बढ़ेगा, यानी किसी को नुकसान नहीं होगा।

गृह मंत्री ने कहा कि वर्तमान में लोकसभा की 543 सीटों में दक्षिण भारत के 129 सांसद हैं, जो करीब 23.76 प्रतिशत है। नए सदन में यह संख्या बढ़कर 195 हो जाएगी और उनका हिस्सा 23.97 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।

Delimitation Commission को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवालों पर भी शाह ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने परिसीमन आयोग से जुड़े कानून में कोई बदलाव नहीं किया है और पहले से लागू कानून को ही अपनाया गया है।

चर्चा के दौरान अमित शाह ने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर भी तंज कसा और कहा कि उन्हें 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है, हालांकि जीत उनकी नहीं होगी।

उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता ही लोकतंत्र में अंतिम निर्णय लेती है और किसी भी राजनीतिक दल के पास इसे खत्म करने की ताकत नहीं है।

Amit Shah ने यह भी कहा कि अगली जनगणना (Census) में जातीय गणना शामिल की जाएगी। वहीं, आंकड़ों के स्रोत पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वह इस पर विस्तार से बाद में जानकारी देंगे।

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