Netarhat Residential School : नेतरहाट आवासीय विद्यालय में प्रबंधकीय स्थिति और लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर Jharkhand High Court में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश एस.एम. सोनक और न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की।
याचिका प्रार्थी केदारनाथ लाल दास द्वारा दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत में अधिवक्ता राहुल कुमार ने पक्ष रखते हुए कहा कि Netarhat Residential School की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से विद्यालय का ऑडिट भी नहीं कराया गया है।
अधिवक्ता ने यह भी कहा कि विद्यालय में शिक्षकों सहित कई महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं, जिससे पढ़ाई और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा मौजूदा एडहॉक कमेटी भी निष्क्रिय है, जिसके कारण कई जरूरी निर्णय नहीं लिए जा पा रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। अदालत ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राजकुमार को समिति का सभापति नियुक्त करते हुए जल्द कार्यकारी समिति (एग्जीक्यूटिव कमिटी) के गठन का निर्देश दिया।
अदालत ने यह भी आदेश दिया कि 28 अप्रैल को रिटायर्ड IAS राजकुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की जाए। इस बैठक में विद्यालय की प्रबंधकीय स्थिति सुधारने, रिक्त पदों को भरने और अन्य आवश्यक निर्णयों को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

