Supreme Court India : सुप्रीम कोर्ट (SC) ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि जिन मतदाताओं के नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए थे और जिनकी अपील स्वीकार हो चुकी है, उनके लिए पूरक संशोधित मतदाता सूची जारी की जाए। कोर्ट ने यह प्रक्रिया पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले 21 और 27 अप्रैल तक पूरी करने को कहा है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने 13 अप्रैल को जारी आदेश में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए यह निर्देश दिया जा रहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में अपीलीय ट्रिब्यूनल 21 या 27 अप्रैल तक फैसला कर देंगे, उन फैसलों को लागू करते हुए नई पूरक मतदाता सूची जारी की जाएगी, ताकि संबंधित मतदाता अपने वोट का अधिकार इस्तेमाल कर सकें।
पीठ ने यह भी कहा कि केवल Appeal लंबित होने के आधार पर किसी व्यक्ति को मतदान का अधिकार नहीं दिया जा सकता। यदि ऐसा किया गया तो इससे भ्रम की स्थिति पैदा होगी और कई लोग दूसरों के नाम हटाने की मांग कर सकते हैं, जिससे पहले जैसी अव्यवस्था फिर से उत्पन्न हो सकती है।
कोर्ट ने यह भी माना कि न्यायिक अधिकारियों ने झारखंड और ओडिशा के अधिकारियों की मदद से कम समय में बड़ी संख्या में मामलों का सत्यापन किया है, जो सराहनीय है। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया है कि Tribunal द्वारा लिए गए फैसले मतदान शुरू होने से पहले लागू कर दिए जाएंगे।
पीठ ने जानकारी दी कि अब तक 34 लाख से अधिक अपीलें दायर की जा चुकी हैं। इनमें कई अपीलें नाम हटाए जाने के खिलाफ हैं, जबकि कुछ अपीलें उन नामों के खिलाफ भी हैं जिन्हें मतदाता सूची में शामिल किया गया है।
अदालत ने कहा कि Appellate Tribunal पूरी तरह से सक्रिय हैं और उनके सदस्यों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा चुका है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को सलाह दी कि वे अपनी अपील के लिए संबंधित ट्रिब्यूनल में जाएं और जरूरत पड़ने पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध करें।
Supreme Court ने स्पष्ट किया कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। बता दें कि इन अपीलों के निपटारे के लिए 13 अप्रैल 2026 से 19 अपीलीय ट्रिब्यूनल गठित किए गए हैं।

