Middle East News: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने दुनियाभर की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच इमैनुएल मैक्रों ने नरेंद्र मोदी को फोन किया। फोन पर दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही तुरंत बहाल करने की जरूरत पर सहमति जताई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए आपसी सहयोग जारी रखने का भरोसा भी दोहराया।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि उनके प्रिय मित्र राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का फोन आया। पीएम मोदी ने बताया कि बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा हुई और इस बात पर सहमति बनी कि होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता तुरंत बहाल होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश इस क्षेत्र और दुनिया में शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम जारी रखेंगे।
होर्मुज संकट से तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद दुनिया में तेल और गैस का संकट गहराने लगा है। जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। चीन भी इस संकट को लेकर चिंतित है। चीन ईरान के तेल का सबसे बड़ा आयातक माना जाता है और अमेरिकी नाकेबंदी से ऊर्जा संकट बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच लगभग 55 किलोमीटर चौड़ा समुद्री मार्ग है। इसके जरिए दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल का व्यापार होता है।
ट्रंप की प्रमुख मांगों में शामिल होर्मुज खोलना
डोनाल्ड ट्रंप की प्रमुख मांगों में भी होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना शामिल है। इसके साथ ही अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने की मांग भी कर रहा है। हाल ही में इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का पहला दौर हुआ था। इस बातचीत का उद्देश्य स्थायी समाधान निकालना था, लेकिन परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी।
अमेरिकी नाकेबंदी पर चीन की कड़ी प्रतिक्रिया
इसके बाद अमेरिका ने नाकेबंदी लागू कर दी। चीन के विदेश मंत्रालय ने इस कदम की आलोचना करते हुए इसे खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना बताया। चीन ने कहा कि इस तरह के कदम से क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है और पहले से चल रहे नाजुक युद्धविराम पर भी खतरा पैदा हो सकता है।
