Supreme Court India: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को तेलंगाना हाई कोर्ट से मिली ट्रांजिट एंटीसिपेटरी बेल के खिलाफ असम सरकार ने Supreme Court का रुख किया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट इस सप्ताह सुनवाई कर सकता है।
यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) की पत्नी पर लगाए गए आरोपों से जुड़ा है, जिसके आधार पर खेड़ा के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
हाई कोर्ट से मिली थी राहत
तेलंगाना हाई कोर्ट ने 10 अप्रैल को पवन खेड़ा को एक सप्ताह की ट्रांजिट एंटीसिपेटरी बेल दी थी। कोर्ट ने उन्हें संबंधित अदालत में नियमित जमानत के लिए आवेदन करने का समय दिया था।
शर्तों के साथ दी गई जमानत
हाई कोर्ट ने खेड़ा को कुछ शर्तों के साथ राहत दी थी। इसके तहत उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदार देने होंगे। साथ ही जांच में सहयोग करना होगा और बिना अनुमति देश छोड़ने की इजाजत नहीं होगी।
जांच पर असर न डालने की हिदायत
अदालत ने यह भी कहा था कि पवन खेड़ा मामले से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक बयान देने से बचें, ताकि जांच प्रभावित न हो।
क्या है मामला
पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास कई Passport और विदेशी संपत्तियां हैं, जिनका जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया। इसी बयान को लेकर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

