New Delhi : देश की राजनीति में एक अहम बदलाव के तहत महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला कानून अब आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। केंद्रीय कानून मंत्रालय ने देर रात इसकी अधिसूचना जारी की।
गौरतलब है कि यह कानून सितंबर 2023 में संसद से पारित हुआ था, जिसे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ कहा जाता है। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है।

हालांकि, कानून लागू होने के बावजूद इसका तत्काल असर वर्तमान लोकसभा पर नहीं पड़ेगा। सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि यह आरक्षण 2027 की जनगणना और उसके बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू किया जाएगा। ऐसे में माना जा रहा है कि इसका प्रभाव 2029 के आम चुनाव में देखने को मिल सकता है।
इसी बीच संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर जोरदार बहस जारी है। इस मुद्दे पर गुरुवार शाम 4 बजे मतदान भी प्रस्तावित है। लेकिन बहस के दौरान ही अचानक अधिसूचना जारी किए जाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
कानून मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रावधान अब प्रभावी हो चुके हैं। इसके बावजूद यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जब इस कानून का वास्तविक लागू होना परिसीमन के बाद ही संभव है, तो अभी अधिसूचना जारी करने की क्या वजह रही।
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