Uttar Pradesh News: नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर मजदूरों का आंदोलन अब उग्र हो गया है। पिछले एक सप्ताह से चल रहा श्रमिकों का प्रदर्शन रविवार तक शांतिपूर्ण था, लेकिन सोमवार को हालात बिगड़ गए। नोएडा फेज-2 के होजरी कॉम्प्लेक्स में मजदूर अचानक सड़कों पर उतर आए और काम का बहिष्कार कर दिया। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शन जारी रहा। दिल्ली से सटे इस औद्योगिक क्षेत्र में अचानक भड़के आंदोलन ने प्रशासन और फैक्ट्री मालिकों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
हरियाणा का फैसला बना आंदोलन की वजह
मजदूरों के उग्र प्रदर्शन के पीछे हरियाणा सरकार का हालिया फैसला बड़ी वजह माना जा रहा है। हरियाणा सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में करीब 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इस फैसले के बाद नोएडा की अलग-अलग फैक्ट्रियों में काम कर रहे मजदूर भी समान वेतन की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए हैं। नोएडा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन मल्हान ने बताया कि हरियाणा में वेतन बढ़ने के बाद नोएडा के मजदूरों ने भी वेतन बढ़ाने की मांग शुरू की। पहले यह आंदोलन एक फैक्ट्री तक सीमित था, लेकिन अब कई कंपनियों में फैल गया है और कामकाज प्रभावित हो रहा है।
मजदूरों का आरोप, हरियाणा में ज्यादा सैलरी, नोएडा में कम
नोएडा सेक्टर-83 फेज-2 स्थित रिचा ग्लोबल कंपनी के एक कर्मचारी ने बताया कि कंपनी हरियाणा में काम करने वाले कर्मचारियों को ज्यादा सैलरी देती है, जबकि नोएडा में कम वेतन दिया जा रहा है। कर्मचारी का कहना है कि जब काम एक जैसा है, तो वेतन में फर्क क्यों किया जा रहा है। मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन से कई बार बातचीत की, लेकिन उन्हें हरियाणा के बराबर वेतन देने से मना कर दिया गया। इसी वजह से विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ।
हरियाणा सरकार ने क्या फैसला लिया
नायब सिंह सैनी सरकार ने एक अप्रैल को न्यूनतम वेतन बढ़ाने का फैसला लिया था, जिसकी अधिसूचना 11 अप्रैल से लागू कर दी गई। हरियाणा सरकार ने श्रमिकों के वेतन में लगभग 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है।
नए वेतन के मुताबिक
- अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,275 रुपये से बढ़कर 15,220 रुपये
- अर्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12,430 रुपये से बढ़कर 16,780 रुपये
- कुशल श्रमिकों का वेतन 13,704 रुपये से बढ़कर करीब 18,500 रुपये
- हाई स्किल्ड श्रमिकों का वेतन 14,389 रुपये से बढ़कर 19,425 रुपये
सरकार का कहना है कि बढ़ी हुई सैलरी का फायदा मजदूरों को अगली सैलरी में मिलेगा।
नोएडा में आंदोलन हुआ हिंसक
नोएडा फेज-2 औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार को आंदोलन अचानक हिंसक हो गया। अलग-अलग कंपनियों के बाहर प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने हंगामा शुरू कर दिया। खास तौर पर मदरसन कंपनी के बाहर हालात बेकाबू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की, कई वाहनों में आग लगा दी और यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया। इस पूरे विवाद की जड़ रिचा ग्लोबल कंपनी को माना जा रहा है। कंपनी की हरियाणा के फरीदाबाद स्थित यूनिट में 35 प्रतिशत तक वेतन वृद्धि लागू की गई थी।
फरीदाबाद यूनिट में
- टेक्निकल स्टाफ की सैलरी 20,000 रुपये
- नॉन टेक्निकल स्टाफ की सैलरी 15,000 रुपये
कर दी गई। इसके बाद नोएडा की फैक्ट्रियों के कर्मचारियों ने भी समान वेतन की मांग शुरू कर दी।
मजदूरों की क्या-क्या मांग
नोएडा में प्रदर्शन कर रहे मजदूरों की मुख्य मांगें हैं
- न्यूनतम सैलरी 20,000 रुपये मासिक की जाए
- बोनस 30 नवंबर तक बैंक खाते में दिया जाए
- किसी कर्मचारी को बिना कारण नौकरी से न निकाला जाए
- ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाए
- सप्ताह में एक दिन छुट्टी दी जाए
- रविवार को काम कराने पर दोगुना भुगतान दिया जाए
प्रशासन और मजदूरों के बीच गतिरोध जारी
प्रशासन का कहना है कि मजदूरों की कई मांगों पर सहमति बन गई है। हालांकि मजदूरों का कहना है कि वेतन वृद्धि को लेकर अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। इसी वजह से उनका आक्रोश बढ़ता जा रहा है और औद्योगिक क्षेत्र में कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है।

