Uttar Pradesh News: कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। थाना बर्रा पुलिस और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बर्रा-6 स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पास घेराबंदी कर चार आरोपियों को पकड़ा। इसके बाद उनकी निशानदेही पर चार अन्य आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया।
विदेश से कंट्रोल हो रहा था पूरा नेटवर्क
जांच में सामने आया कि यह बेटिंग रैकेट भारत के बाहर से संचालित किया जा रहा था। गिरोह के मास्टरमाइंड कंबोडिया और थाईलैंड में बैठकर पूरे नेटवर्क को कंट्रोल कर रहे थे। करीब 400 लोग इस नेटवर्क से जुड़े थे, जो अलग-अलग स्तर पर बेटिंग ऑपरेशन चला रहे थे।
ऐसे चलता था ऑनलाइन बेटिंग का खेल
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी प्रतिबंधित बेटिंग ऐप और वेबसाइट के जरिए लोगों को जोड़ते थे। शुरुआत में छोटी रकम जिताकर यूजर्स का भरोसा जीत लिया जाता था। जब यूजर बड़ी रकम लगाते थे, तो गेम को कंट्रोल कर उन्हें हारने पर मजबूर किया जाता था। इसके बाद रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर नेटवर्क में घुमाया जाता था। नए यूजर्स जोड़ने के लिए टेलीग्राम और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाता था।
ओला कैब बनती थी मोबाइल ऑपरेशन सेंटर
गिरोह के सदस्य पकड़े जाने से बचने के लिए ओला या अन्य किराए की टैक्सी में बैठकर ट्रांजेक्शन और रकम की निकासी करते थे। इस तरीके से उनकी लोकेशन ट्रेस करना पुलिस के लिए मुश्किल हो जाता था।
फर्जी खातों के जरिए चल रहा था पूरा सिस्टम
आरोपी लोगों को बहला-फुसलाकर उनके आधार कार्ड और सिम हासिल करते थे। इसके बाद फर्जी बैंक खाते खुलवाए जाते थे। इन्हीं खातों का इस्तेमाल बेटिंग की रकम ट्रांसफर करने में होता था। पुलिस को सैकड़ों संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी भी मिली है।
पुलिस ने बरामद किया बड़ा सामान
पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया है।
- 26 मोबाइल फोन
- 1 लैपटॉप
- 54 एटीएम कार्ड
- 26 पासबुक और 1 चेकबुक
- 30 सिम कार्ड
- 2 वाहन (स्कूटी और बाइक)
3 महीने में 100 करोड़ का ट्रांजेक्शन
जांच में सामने आया कि गैंग ने सिर्फ तीन महीनों में करीब 100 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया। फिलहाल पुलिस ने 50 लाख रुपये की रकम फ्रीज कर दी है।
कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क
यह बेटिंग रैकेट केवल कानपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि कई राज्यों तक फैला हुआ था। पूरा सिंडिकेट ऑनलाइन बेटिंग एडमिन के जरिए संचालित किया जा रहा था।
पुलिस कमिश्नर ने दी जानकारी
रघुवीर लाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार आरोपी इंटरनेशनल बेटिंग नेटवर्क से जुड़े हैं और मुख्य रूप से फंड मैनेजमेंट व निकासी का काम करते थे। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।

