New Delhi: दिल्ली की अमर कॉलोनी में आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी राहुल मीणा को लेकर लगातार चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। यह सिर्फ एक हत्या की कहानी नहीं, बल्कि उस लत की कहानी है जिसने एक पढ़ने-लिखने वाले युवक को अपराध की राह पर धकेल दिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ऑनलाइन गेमिंग और सट्टे की लत ने राहुल की जिंदगी पूरी तरह बदल दी थी। उसने अपनी मार्कशीट तक गिरवी रख दी थी ताकि पैसे जुटाकर गेम खेल सके। इसी दौरान वह एक बार ऑनलाइन गेम में 5 लाख रुपये भी जीत चुका था।
पढ़ाई में अच्छा था, लेकिन गेम की लत ने सब बिगाड़ दिया
परिजनों और जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, राहुल पढ़ाई में काफी अच्छा छात्र था। उसने 10वीं में 73 फीसदी और 12वीं में करीब 90 फीसदी अंक हासिल किए थे। लेकिन 12वीं के बाद वह मोबाइल पर खेले जाने वाले गेम्स, खासकर ‘तीन पत्ती’ और ‘लूडो’ जैसे ऐप्स की तरफ आकर्षित हो गया। शुरुआत में यह सिर्फ टाइमपास था, लेकिन धीरे-धीरे यही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन गया।
जब शौक बना लत और फिर बना सट्टा
शुरुआत में राहुल दोस्तों के साथ छोटे-मोटे दांव लगाकर गेम खेलता था। धीरे-धीरे दांव की रकम बढ़ती गई और यह खेल सट्टे में बदल गया। पहले उसने छोटी रकम गंवाई, फिर उधार लेना शुरू किया। बाद में मोबाइल फोन, बाइक और घर का सामान तक बेच दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उसने अपनी 10वीं और 12वीं की मार्कशीट तक गिरवी रख दी, ताकि और पैसे मिल सकें और वह अपनी हार की भरपाई कर सके।
एक बार जीते 5 लाख, फिर बढ़ गया लालच
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ समय पहले राहुल ने ऑनलाइन गेम के जरिए करीब 5 लाख रुपये जीते थे। इस बड़ी जीत के बाद उसे लगा कि अब वह लगातार पैसा कमा सकता है। दोस्तों के कहने पर उसने उनकी आईडी और फोन से भी गेम खेलना शुरू किया। लेकिन इस बार वह बड़ी रकम हार गया और उस पर पैसे लौटाने का दबाव बढ़ने लगा।
दिल्ली में नौकरी मिली, लेकिन आदत नहीं बदली
राहुल को दिल्ली में आईआरएस अधिकारी के घर पर काम मिल गया था। यह नौकरी उसे रिश्तेदारों के जरिए मिली थी। करीब 8 महीने तक वह वहां काम करता रहा। लेकिन नौकरी के दौरान भी उसकी आदत नहीं बदली। वह दिनभर मोबाइल पर गेम खेलता रहता था और उसमें पैसे लगाता रहता था। पैसों की कमी होने पर उसने आसपास के दुकानदारों और लोगों से उधार लेना शुरू कर दिया। जब पैसे वापस नहीं किए, तो विवाद बढ़ने लगे और आखिरकार उसे नौकरी से निकाल दिया गया।
गांव लौटने के बाद भी नहीं छूटी लत
करीब डेढ़ महीने पहले राहुल अपने गांव राजगढ़ लौट आया। उसने परिवार को बताया कि वह छुट्टी पर आया है, लेकिन असल में उसकी नौकरी जा चुकी थी। गांव लौटने के बाद भी वह लगातार ऑनलाइन गेम खेलता रहा। इसी दौरान दोस्तों के पैसे हारने के बाद उस पर पैसे लौटाने का दबाव बढ़ गया। यही दबाव उसके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ बन गया।
पैसों की जरूरत ने बना दिया अपराधी
पुलिस जांच में सामने आया है कि पैसों के दबाव के चलते राहुल ने दिल्ली जाकर चोरी करने की योजना बनाई। उसे उस घर की पूरी जानकारी थी, जहां वह पहले काम कर चुका था। लेकिन यह चोरी की योजना एक जघन्य अपराध में बदल गई। परिवार का कहना है कि उन्हें कभी नहीं लगा था कि राहुल इतना बड़ा अपराध कर सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर वह दोषी है, तो उसे कानून के मुताबिक सख्त सजा मिलनी चाहिए।
जांच में खुल रही हैं नई परतें
जांच एजेंसियों के अनुसार, राहुल का व्यवहार काफी आक्रामक और अस्थिर बताया जा रहा है। गांव में भी उसकी छवि अच्छी नहीं थी और वह अक्सर विवादों में रहता था। उसके परिवार का माहौल भी ठीक नहीं बताया जा रहा। जानकारी के मुताबिक, उसके पिता शराब के आदी हैं, जिससे घर की स्थिति भी लंबे समय से प्रभावित रही है।

