News Wrap : गर्मी का मौसम शुरू होते ही तेज धूप और बढ़ता तापमान त्वचा पर असर डालने लगता है। ऐसे में त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल बेहद जरूरी माना जाता है। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, यह सिर्फ सुंदरता के लिए नहीं, बल्कि त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी अहम है।
डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार सूरज की रोशनी में मौजूद अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं। इससे सनबर्न, झुर्रियां और यहां तक कि स्किन कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में सनस्क्रीन एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।
सनस्क्रीन लगाने के फायदे
विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित रूप से सनस्क्रीन लगाने से धूप से होने वाली जलन, लालिमा और सूजन से बचाव होता है। यह त्वचा को टैनिंग से बचाता है और झुर्रियों की समस्या को भी कम करता है। लंबे समय तक धूप में रहने से होने वाले गंभीर नुकसान से भी यह सुरक्षा देता है।
कैसा सनस्क्रीन चुनें
डॉक्टर सलाह देते हैं कि हमेशा ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें, जो UVA और UVB दोनों किरणों से बचाव करता हो। साथ ही कम से कम SPF 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन चुनना चाहिए।
स्किन टाइप के अनुसार करें चुनाव
ऑयली त्वचा वाले लोगों के लिए जेल-बेस्ड या मैट फिनिश सनस्क्रीन बेहतर होता है। वहीं, ड्राई स्किन के लिए क्रीम या मॉइस्चराइजर आधारित सनस्क्रीन उपयुक्त है। सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को कम रसायनों वाले मिनरल सनस्क्रीन का उपयोग करना चाहिए।
कैसे करें इस्तेमाल
घर से बाहर निकलने से करीब 20 मिनट पहले सनस्क्रीन लगाना चाहिए। इसे केवल चेहरे पर ही नहीं, बल्कि गर्दन, हाथ और पैरों पर भी लगाना जरूरी है। बेहतर सुरक्षा के लिए हर 2-3 घंटे में इसे दोबारा लगाना चाहिए, खासकर पसीना आने या पानी में जाने के बाद।
Disclaimer : यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए दी गई है। इसकी वैज्ञानिक सटीकता की पुष्टि नहीं की जाती है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

