NCERT: National Council of Educational Research and Training (NCERT) की किताबों से मराठा साम्राज्य का नक्शा हटाए जाने पर विवाद गहरा गया है। मामला अब पहुंच चुका है। महाराष्ट्र के शाही परिवारों के वंशजों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस फैसले के खिलाफ जनहित याचिका दायर की है।
किताब में क्या दिखाया गया था?
जुलाई 2025 में NCERT ने कक्षा 8 की सोशल साइंस की किताब ‘Exploring Society: India and Beyond Part-I’ जारी की थी। इसमें पेज नंबर 71 पर मराठा साम्राज्य का नक्शा दिया गया था, जिसमें 1759 के दौर में साम्राज्य के विस्तार को दिखाया गया था। नक्शे में दक्षिण में तंजावुर से लेकर उत्तर में पेशावर और पूर्व में कटक तक मराठा साम्राज्य का क्षेत्र दर्शाया गया था।
अचानक क्यों हटाया गया नक्शा?
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि राजस्थान के कुछ शाही परिवारों और नेताओं के विरोध के बाद NCERT ने जल्दबाजी में एक हाई-पावर कमेटी बनाई। आरोप है कि बिना किसी ठोस ऐतिहासिक जांच और सार्वजनिक सूचना के डिजिटल एडिशन से हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू संस्करणों में यह नक्शा हटा दिया गया।
शाही परिवार के वंशज पहुंचे कोर्ट
सतारा के शाही परिवार से जुड़े मुधोजीराजे अजीतसिंहराव भोंसले और अन्य लोगों ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उनका कहना है कि यह फैसला मनमाना है और इससे छात्रों के सही इतिहास जानने के अधिकार पर असर पड़ता है।
याचिका में क्या-क्या दलीलें दी गईं?
याचिका में कहा गया है कि नक्शा हटाने का फैसला बिना ठोस ऐतिहासिक सबूत के लिया गया। साथ ही कमेटी में मराठा इतिहास के विशेषज्ञ का पद खाली होने के बावजूद फैसला कर दिया गया।
महाराष्ट्र सरकार ने भी उठाई मांग
महाराष्ट्र सरकार ने भी केंद्र सरकार और NCERT को पत्र लिखकर मराठा साम्राज्य का नक्शा फिर से किताबों में शामिल करने की मांग की है।
अब अदालत के फैसले पर नजर
फिलहाल इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई होनी है। छात्रों, इतिहासकारों और राजनीतिक गलियारों की नजर अब अदालत के फैसले पर टिकी हुई है।

