होर्मुज में बढ़ा तनाव, दो जहाजों पर फायरिंग, ईरान ने लगाया सख्त सैन्य नियंत्रण

Iran and US War: होर्मुज की खाड़ी पर एक बार फिर बड़ा तनाव पैदा हो गया है। ईरान ने शनिवार को ऐलान किया कि इस समुद्री रास्ते पर फिर से सख्त सैन्य नियंत्रण लागू कर दिया गया है। इसी बीच दो जहाजों पर गोलीबारी की खबर सामने आई है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब दुनिया को उम्मीद थी कि होर्मुज का रास्ता फिर से सामान्य हो रहा है।

ईरान ने फिर लागू किया सख्त सैन्य नियंत्रण

शनिवार सुबह ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC के प्रवक्ता इब्राहिम जुलफागरी ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि होर्मुज की खाड़ी पर पहले जैसा सख्त सैन्य नियंत्रण फिर से लागू कर दिया गया है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक अमेरिका ईरानी जहाजों पर लगी पाबंदियां नहीं हटाता तब तक खाड़ी इसी तरह नियंत्रित रहेगी। ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने भी कहा कि अब इस रास्ते से गुजरने वाले हर व्यापारिक जहाज को IRGC नौसेना से इजाजत लेनी होगी।

दो जहाजों पर गोलीबारी की खबर

Tanker Trackers नाम की समुद्री जहाज ट्रैकिंग सेवा के मुताबिक कम से कम दो जहाजों पर गोलीबारी हुई जब वे होर्मुज की खाड़ी से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। यह खबर बेहद चिंताजनक मानी जा रही है क्योंकि इससे तेल ले जाने वाले जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा पर सीधा खतरा पैदा हो गया है।

सीजफायर के बाद जगी थी उम्मीद

16 अप्रैल को इजरायल और लेबनान के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में सीजफायर हुआ था। इसके बाद ईरान ने थोड़े समय के लिए होर्मुज की खाड़ी को खोला था। शनिवार को आठ तेल के जहाजों का एक काफिला इस रास्ते से गुजरा भी। इससे जहाज मालिकों को उम्मीद जगी कि रास्ता सामान्य हो रहा है। हालांकि कई जहाज खाड़ी के पास पहुंचकर वापस मुड़ते भी नजर आए। इससे साफ हो गया कि स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।

अमेरिका पर ईरान के गंभीर आरोप

ईरान ने अमेरिका की कार्रवाई को समुद्री लूट और चोरी करार दिया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका उसके जहाजों को गुजरने नहीं दे रहा इसलिए ईरान भी दूसरे देशों के जहाजों पर नियंत्रण लागू कर रहा है।

दुनिया भर में तेल संकट गहराया

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी यानी IEA ने कहा है कि यह इतिहास के सबसे बड़े तेल सप्लाई संकटों में से एक बनता जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक हर दिन एक करोड़ से ज्यादा बैरल तेल फंसा हुआ है। दुनिया की गैस सप्लाई में करीब 20 प्रतिशत की कमी आ गई है। इसका सीधा असर पेट्रोल, डीजल और गैस के दामों पर पड़ रहा है और आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।

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