New Delhi: अन्ना हजारे ने राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के कई सांसदों के पार्टी छोड़ने के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को यह अधिकार है कि वह कहां रहना चाहता है और कहां जाना चाहता है। उन्होंने कहा कि किसी को जबरदस्ती रोकना सही नहीं है। अगर नेता पार्टी छोड़ रहे हैं, तो जरूर उन्हें कुछ दिक्कतें रही होंगी और उसके पीछे कोई न कोई वजह जरूर होगी।
‘पार्टी सही चलती तो कोई नहीं जाता’
अन्ना हजारे ने साफ कहा कि अगर कोई व्यक्ति पार्टी छोड़ रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी पार्टी पर भी आती है। उन्होंने कहा, “अगर पार्टी सही तरीके से चलती, तो लोग उसे छोड़कर नहीं जाते। जब स्वार्थ हावी हो जाता है, तो लोग समाज और देश को भूल जाते हैं और सत्ता व पैसे के पीछे भागने लगते हैं। यहीं से गड़बड़ी शुरू होती है।”
राघव चड्ढा बीजेपी में हुए शामिल
AAP छोड़ने की घोषणा के कुछ ही समय बाद राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल हो गए। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। उनके साथ AAP सांसद संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भी बीजेपी जॉइन की। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले अशोक मित्तल के यहां छापेमारी भी हुई थी।
कुल सात सांसदों ने छोड़ी AAP
राघव चड्ढा ने दावा किया कि उनके साथ कुल सात राज्यसभा सांसदों ने आम आदमी पार्टी छोड़ने का फैसला किया है। इनमें संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रमजीत सिंह साहनी और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं। हालांकि फिलहाल सिर्फ तीन सांसद ही बीजेपी में शामिल हुए हैं। स्वाति मालीवाल ने पार्टी छोड़ने की जानकारी देते हुए कहा कि वह इस समय ईटानगर में हैं। राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सांसद हैं, ऐसे में यह घटनाक्रम पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

