Middle East Conflict: Saudi Arabia, United Arab Emirates और Turkey अब तेल और व्यापार के लिए नया रास्ता खोजने में जुट गए हैं। Strait of Hormuz पर बढ़ते तनाव के बीच ये देश वैकल्पिक रूट तैयार कर रहे हैं, ताकि इस अहम समुद्री मार्ग पर निर्भरता कम की जा सके।
क्यों जरूरी हुआ नया रास्ता?
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए ऊर्जा सप्लाई का सबसे अहम रास्ता है। हालिया तनाव और नाकेबंदी के बाद तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ा, जिससे कई देशों की चिंता बढ़ गई।
क्या है नया प्लान?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये देश मिलकर रेल लिंक, समुद्री कॉरिडोर और पाइपलाइन प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इसका मकसद है कि माल और ऊर्जा सप्लाई को दूसरे रास्तों से सुरक्षित तरीके से पहुंचाया जा सके।
कैसे काम करेगा ये नेटवर्क?
नई योजना के तहत यूएई और ओमान के बंदरगाहों से माल सऊदी अरब होते हुए जॉर्डन तक जाएगा। वहां से इसे Suez Canal या सीरिया के बंदरगाहों के जरिए भूमध्य सागर तक पहुंचाया जाएगा।
पुराने नेटवर्क को भी किया जा रहा मजबूत
पहले से मौजूद कुछ कॉरिडोर और रेल लिंक को भी मजबूत किया जा रहा है। इसमें यूएई और सऊदी के बीच समुद्री-स्थलीय कनेक्टिविटी और जॉर्डन की रेल सेवाएं शामिल हैं।
हिजाज रेलवे को फिर से शुरू करने की तैयारी
इन देशों ने ऐतिहासिक हिजाज रेलवे को दोबारा शुरू करने की योजना भी बनाई है, जो जेद्दा से होते हुए अम्मान, दमिश्क और आगे इस्तांबुल तक कनेक्टिविटी देगा।
GCC देशों की बड़ी योजना
हाल ही में जेद्दा में हुए GCC शिखर सम्मेलन में क्षेत्रीय रेलवे नेटवर्क को तेजी से विकसित करने पर सहमति बनी है। इससे सऊदी अरब को यूएई, कतर, ओमान, कुवैत और बहरीन से जोड़ा जाएगा।
बदल रहा है पूरा ढांचा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम खाड़ी देशों के लिए एक बड़ा ढांचागत बदलाव है, जिससे वे भविष्य में किसी एक मार्ग पर निर्भर रहने के जोखिम से बच सकेंगे।

