Lok Sabha News: संसद का विशेष सत्र गुरुवार से शुरू हो गया है। मोदी सरकार ने लोकसभा में पेश किए जाने वाले तीन अहम विधेयकों की सूची जारी की है। इन विधेयकों का मकसद 2029 तक महिला आरक्षण लागू करना और लोकसभा की सदस्य संख्या बढ़ाकर 850 करना है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में परिसीमन से जुड़ा विधेयक पेश किया। वहीं कांग्रेस नेता के. सी. वेणुगोपाल ने इस पर सवाल उठाए, जिसके बाद सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। सरकार की ओर से पहले दो विधेयक अर्जुन राम मेघवाल पेश करेंगे, जबकि तीसरा विधेयक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पेश करेंगे। लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति ने इन विधेयकों पर चर्चा के लिए 18 घंटे का समय तय किया है। लोकसभा से पास होने के बाद इन्हें राज्यसभा भेजा जाएगा।
16 से 18 अप्रैल तक विशेष सत्र
महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। लोकसभा में 16 और 17 अप्रैल को इस बिल पर 18 घंटे चर्चा होगी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का पक्ष रखेंगे और चर्चा का जवाब गृह मंत्री अमित शाह देंगे। चर्चा के बाद वोटिंग कराई जाएगी। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में इस बिल पर विस्तार से बोलेंगे और सरकार के फैसले की जानकारी देंगे।
राज्यसभा में 18 अप्रैल को चर्चा और वोटिंग
लोकसभा में पारित होने के बाद 18 अप्रैल को राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा और वोटिंग होगी। राज्यसभा में चर्चा के लिए 10 घंटे का समय तय किया गया है। इसी दौरान 16 और 17 अप्रैल को राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव भी कराया जा सकता है।
महिला आरक्षण लागू करने की बड़ी तैयारी
सरकार लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने, परिसीमन कराने और महिला आरक्षण लागू करने से जुड़े प्रावधानों वाले विधेयक संसद में पेश किए गए हैं। परिसीमन इस पूरी रणनीति का सबसे अहम और पेचीदा हिस्सा माना जा रहा है, जिस पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव की स्थिति बन गई है।

