Jharkhand High Court Order : झारखंड हाईकोर्ट ने सरायकेला-खरसावां जिले के चालियामा स्थित स्टील प्लांट के बाहर ट्रकों की अवैध पार्किंग, सड़क जाम और श्रमिकों के लिए पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को गंभीर जनहित का मुद्दा माना है। अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने जनहित याचिका (PublicInterest Litigation) का निपटारा करते हुए कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के नाम पर सार्वजनिक सड़कों का गलत और खतरनाक उपयोग स्वीकार नहीं किया जा सकता।
अदालत ने उद्योग विभाग के प्रधान सचिव को झारखंड बिल्डिंग बायलॉज, 2016 के नियम-41 का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि Plant के अंदर ही पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की जाए, ताकि भारी वाहन सड़कों पर खड़े न हों।
कोर्ट ने जिला उद्योग केंद्र, चाईबासा की Report पर तीन महीने के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया है। इसके अलावा, स्वीकृत उपायों को 12 महीने के अंदर लागू करने को कहा गया है। अदालत ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और पुलिस को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि प्लांट से जुड़े भारी वाहन सड़क पर यातायात बाधित न करें।
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर Court ने कहा कि दुर्घटना और ट्रॉमा मामलों के लिए मौजूदा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। इस पर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को तीन महीने के भीतर आपातकालीन चिकित्सा और ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने पर नीति निर्णय लेने को कहा गया है। साथ ही, मंजूरी मिलने के बाद 18 महीने के भीतर इसे शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

