Petrol and Diesel Price: ईरान में जंग और वैश्विक तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। कई देशों ने इस बढ़ी हुई लागत का बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर डाल दिया है, लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें लंबे समय से स्थिर बनी हुई हैं। इसका सीधा असर फ्यूल रिटेलर्स पर पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक, कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 20 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लगभग 100 रुपये प्रति लीटर तक का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
घाटे में चल रही हैं तेल रिफाइन करने वाली कंपनियां
सरकार एक तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में हो रहे उतार-चढ़ाव से आम लोगों को बचाने के लिए कीमतें स्थिर रख रही है, वहीं दूसरी तरफ तेल कंपनियों पर घाटे का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर पश्चिम एशिया का संकट लंबा चलता है और कच्चे तेल की कीमतें 70 से 80 डॉलर प्रति बैरल या उससे ऊपर बनी रहती हैं, तो रिफाइनरी कंपनियों के लिए इस नुकसान को संभालना मुश्किल हो सकता है।
क्या बढ़ने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में यही स्थिति बनी रहती है, तो विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद तेल कंपनियां कुछ बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं। बताया जा रहा है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी संभव हो सकती है। हालांकि, यह सिर्फ बाजार के अनुमान हैं, आधिकारिक फैसला अभी नहीं हुआ है।
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में बड़ा उछाल
ईरान में जंग शुरू होने से पहले बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 72.87 डॉलर प्रति बैरल थी। बुधवार तक यह बढ़कर 101.91 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, यानी लगभग 40 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई। गुरुवार को यह कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई, जिससे दुनियाभर के तेल बाजार में हलचल बढ़ गई है।
सरकार ने अफवाहों को बताया गलत
हाल ही में कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि 29 अप्रैल तक जारी विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। लेकिन सरकार ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साफ कहा है कि 25–28 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि ऐसी खबरें सिर्फ घबराहट फैलाने के लिए फैलाई जा रही हैं।

