Ranchi : झारखंड विधानसभा को डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में कदम तेज हो गए हैं। इसी को लेकर विधानसभा सचिवालय के लेजिस्लेटिव रिसर्च, रेफरेंस और ट्रेनिंग सेल की ओर से एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यशाला में नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) और विधानसभा से जुड़े संवैधानिक नियमों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि चर्चा और प्रशिक्षण के जरिए ज्ञान बढ़ता है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभवों का लाभ अन्य अधिकारियों तक पहुंचना चाहिए, ताकि विधानसभा का कामकाज और बेहतर तरीके से संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा के कामकाज के बीच पढ़ाई और सीखने का मौका कम मिलता है, लेकिन इस तरह की वर्कशॉप से ज्ञान और समझ दोनों बढ़ती हैं। विधानसभा अधिकारियों को विधायी विषयों से लगातार अपडेट रहना जरूरी है, क्योंकि वे सदन के सदस्यों की कार्यों में मदद करते हैं।
स्पीकर ने कहा कि यदि विधायी संस्थाएं मजबूत और प्रभावी ढंग से काम करेंगी, तो कार्यपालिका की जवाबदेही भी बढ़ेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून सत्र से पहले NeVA के जरिए सदन की कार्यवाही संचालित करने की तैयारी पूरी कर ली जाए, ताकि झारखंड विधानसभा पूरी तरह पेपरलेस बन सके। वर्कशॉप में अंडर सेक्रेटरी राव दीपेंद्र कुमार यादव ने झारखंड विधानसभा में NeVA लागू करने की प्रक्रिया और उससे जुड़े संवैधानिक प्रावधानों की जानकारी दी। वहीं स्पीकर के स्पेशल ऑफिसर विवेक कुमार और असिस्टेंट ब्रांच ऑफिसर कृष्ण कुमार सिंह ने विधानसभा के कामकाज और नियमों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रस्तुति दी।
विधानसभा सचिवालय के सचिव प्रभारी रंजीत कुमार ने भी कार्यशाला को संबोधित किया और डिजिटल व्यवस्था के फायदे बताए। नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) केंद्र सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ पहल के तहत शुरू की गई परियोजना है। इसका उद्देश्य देश की सभी विधानसभाओं को डिजिटल और पेपरलेस बनाना है। इसके जरिए सदन की कार्यवाही, प्रश्न, जवाब और अन्य दस्तावेज मोबाइल ऐप और टैबलेट पर उपलब्ध कराए जाते हैं।

