Saryu Rai : झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर विवाद बढ़ गया है। पेपर लीक के आरोपों के बीच बीजेपी का एक शिष्टमंडल राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार (Santosh Kumar Gangwar) से मिला और पूरे मामले की जांच की मांग की।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में यह शिष्टमंडल लोकभवन पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और पेपर लीक की आशंका है।
CBI जांच की मांग
BJP नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकेगी।
शिष्टमंडल में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, विधायक सीपी सिंह, नवीन जायसवाल और पूर्व विधायक अमित मंडल समेत कई नेता शामिल थे।
परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप
BJP ने आरोप लगाया कि 12 अप्रैल 2026 को हुई परीक्षा के दौरान तमाड़ इलाके में एक निर्माणाधीन भवन में अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहे थे। इस मामले में 150 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।
पुलिस ने मौके से कंप्यूटर, प्रिंटर, लैपटॉप, संदिग्ध प्रश्नपत्र, नोट्स और कई वाहन भी बरामद किए हैं। यह भी सामने आया है कि अभ्यर्थियों के मोबाइल और एडमिट कार्ड तक जब्त कर लिए गए थे।
पैसों के लेन-देन का भी आरोप
BJP का दावा है कि परीक्षा में शामिल कराने के लिए अभ्यर्थियों से एडवांस में चेक लिए जा रहे थे और एक उम्मीदवार से करीब 15 लाख रुपये तक की डील तय की गई थी।
JSSC के रुख पर सवाल
राज्य के आठ जिलों में 370 केंद्रों पर 583 पदों के लिए यह परीक्षा आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 1.48 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। बीजेपी का कहना है कि जब एक जगह से ही 150 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं, तो अन्य केंद्रों पर भी गड़बड़ी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
इसके बावजूद JSSC द्वारा Paper Leak से इनकार करने पर बीजेपी ने सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि इससे मामले में संदेह और बढ़ता है।

