Fire Breaks out in Gomia forests: जिले के गोमिया प्रखंड के जंगलों में महुआ चुनने के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों की लापरवाही भारी पड़ गई। जंगल में लगाई गई आग अब तेजी से फैलती हुई लुगू बुरु के घने जंगलों तक पहुंच चुकी है।
इस इलाके में करीब 40 हाथियों का झुंड रहता है, जिससे वन विभाग (Forest Department) की चिंता और बढ़ गई है। विभाग को डर है कि अगर आग और धुएं से हाथी विचलित हुए तो वे आसपास के गांवों की ओर रुख कर सकते हैं।
महुआ चुनने के दौरान लगी आग
ग्रामीण इलाकों में इन दिनों महुआ चुनने का समय चल रहा है। कई जगह लोग महुआ आसानी से दिखे इसके लिए जंगल की सूखी पत्तियों में आग लगा देते हैं। लेकिन इस बार कुछ लोगों की यही लापरवाही बड़ी मुसीबत बन गई।
गोमिया प्रखंड के जंगलों में लगी आग धीरे-धीरे फैलती हुई लुगू बुरु क्षेत्र तक पहुंच गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार जंगल में कई जगहों पर आग धधक रही है और तेज हवा के कारण यह और तेजी से फैल रही है। इससे जंगल की वनस्पतियों और वन्यजीवों को भी खतरा पैदा हो गया है।
हाथियों के विचलित होने का खतरा
वन विभाग के DFO संदीप शिंदे ने बताया कि लुगू बुरु क्षेत्र हाथियों का प्राकृतिक आवास है। यहां करीब 40 हाथियों का एक बड़ा झुंड रहता है। अगर जंगल में आग और धुआं बढ़ता है तो हाथी घबरा सकते हैं और सुरक्षित जगह की तलाश में जंगल छोड़कर गांवों की ओर आ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो आसपास के गांवों और रिहायशी इलाकों में जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। इसलिए वन विभाग इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है।
वन विभाग की सख्त चेतावनी
वन विभाग ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जंगल में आग लगाने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर आग लगाते या आग फैलाते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ वन अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
DFO ने कहा कि जंगल और वन्यजीवों को खतरे में डालना गंभीर अपराध है और ऐसे लोगों को सीधे जेल भी भेजा जा सकता है।
ग्रामीणों से सहयोग की अपील
वन विभाग ने इलाके के ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि लोग जंगल में आग लगाने जैसी गतिविधियों से पूरी तरह बचें।
साथ ही अगर कहीं जंगल में आग लगती दिखे या कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत इसकी सूचना वन विभाग या प्रशासन को दें।

