Trump’s Big Statement : Donald Trump ने भारत पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी देने के एक दिन बाद अब एक बड़ा बयान दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Trump ने कहा है कि उनके और प्रधानमंत्री Narendra Modi के बीच बहुत अच्छे रिश्ते हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी दावा किया कि PM मोदी उनसे खुश नहीं हैं, क्योंकि रूस से लगातार तेल खरीदने की वजह से भारत को ज्यादा Tariff का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रंप ने कहा, मेरे और PM मोदी के रिश्ते बहुत अच्छे हैं, लेकिन वह मुझसे खुश नहीं हैं, क्योंकि भारत रूस से तेल खरीद रहा है और इसी वजह से उसे ज्यादा Tariff देना पड़ रहा है।
रिपब्लिकन बैठक में रक्षा सौदों पर चर्चा
Republican Party के सदस्यों की एक बैठक में बोलते हुए ट्रंप ने अमेरिका की रक्षा बिक्री और शुल्क नीति का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने PM मोदी के साथ हुई मुलाकातों को भी याद किया।
Trump ने दावा किया कि भारत ने अमेरिकी सैन्य उपकरणों की Delivery में हो रही देरी पर चिंता जताई थी।
उन्होंने कहा कि भारत ने 68 अपाचे हेलीकॉप्टरों का ऑर्डर दिया है और भारत की ओर से यह बात सामने आई थी कि वह इन हेलीकॉप्टरों के लिए पिछले पांच साल से इंतजार कर रहा है।
ट्रंप के मुताबिक अब इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
रूस से तेल खरीद पर भारत का रुख साफ
भारत ने रूस से कच्चा तेल आयात करने के अपने फैसले का लगातार बचाव किया है। भारत का कहना है कि उसकी एनर्जी खरीद देश के राष्ट्रीय हित और आम नागरिकों के लिए सस्ती ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने को ध्यान में रखकर की जाती है।
भारत ने यह भी साफ किया है कि वह अपनी रणनीतिक और आर्थिक जरूरतों को सुरक्षित रखते हुए सभी अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ बातचीत जारी रखेगा। इस पूरे मामले में भारत ने किसी एक देश के दबाव में फैसले लेने से इनकार किया है।
टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी के बाद आया बयान
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का यह बयान उस चेतावनी के ठीक एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर भारत ने रूस से तेल आयात को लेकर अमेरिका की चिंताओं को दूर नहीं किया, तो भारतीय सामान पर टैरिफ और बढ़ाया जा सकता है।
ट्रंप ने पहले कहा था कि PM मोदी एक अच्छे आदमी हैं और वह जानते थे कि मैं खुश नहीं था। उन्हें पता था कि मुझे खुश करना जरूरी है। अगर ट्रेड की बात आती है, तो हम बहुत तेजी से टैरिफ बढ़ा सकते हैं।
अमेरिका का फोकस ट्रेड डेफिसिट पर
United States का कहना है कि वह भारत के साथ अपना Trade Deficit कम करना चाहता है। अमेरिका ने पिछले साल भारत द्वारा रूस से बड़े पैमाने पर कच्चा तेल खरीदने का हवाला देते हुए भारतीय सामान पर इंपोर्ट टैरिफ बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक कर दिया था।
हालांकि भारत और अमेरिका के बीच एक संभावित Trade Agreement को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।
यूक्रेन युद्ध के बाद बदली तस्वीर
2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत डिस्काउंट पर मिलने वाले रूसी समुद्री कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया। इसी कदम को लेकर अब अमेरिका आलोचना कर रहा है, क्योंकि वह रूस के एनर्जी रेवेन्यू पर रोक लगाना चाहता है।
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि भारत-अमेरिका रिश्तों (India-US relations) में रणनीतिक साझेदारी के साथ-साथ व्यापार और ऊर्जा नीति को लेकर तनाव भी बना हुआ है।

