बिहार कैबिनेट में विभागों का बंटवारा, निशांत को स्वास्थ्य तो विजय सिन्हा को मिला कृषि मंत्रालय

Bihar: बिहार में सम्राट चौधरी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया है. सबसे ज्यादा चर्चा नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को मिले विभाग को लेकर हो रही है। पहली बार मंत्री बने निशांत कुमार को स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं पूर्व डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को कृषि मंत्रालय दिया गया है।

निशांत कुमार को मिला अहम मंत्रालय

करीब दो महीने पहले नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाने के फैसले के बाद निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में एंट्री हुई थी। शुरुआत से ही चर्चा थी कि उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें डिप्टी सीएम बनाने का प्रस्ताव भी दिया गया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। अब उन्हें स्वास्थ्य विभाग जैसा अहम मंत्रालय सौंपा गया है।

मंत्री बनने के बाद क्या बोले निशांत?

मंत्री पद की शपथ लेने के बाद निशांत कुमार ने कहा था कि वह अपने पिता नीतीश कुमार के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में काम करेंगे। उन्होंने कहा था कि जो जिम्मेदारी उन्हें दी गई है, उसे पूरी ईमानदारी से निभाने की कोशिश करेंगे। साथ ही उन्होंने नीतीश कुमार के अधूरे सपनों और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही थी।

विजय सिन्हा को मिला कृषि विभाग

सम्राट कैबिनेट में पूर्व डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को कृषि विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य में इस मंत्रालय को काफी अहम माना जाता है।

गांधी मैदान में हुआ था भव्य शपथ ग्रहण

इससे पहले पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में सम्राट चौधरी कैबिनेट का विस्तार हुआ था। समारोह में 32 नए मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, BJP अध्यक्ष नितिन नवीन और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे।

किस पार्टी से कितने मंत्री बने?

नई कैबिनेट में BJP के 15 नेताओं को मंत्री बनाया गया है, जबकि जेडीयू के 13 नेताओं ने शपथ ली। इसके अलावा एलजेपी (रामविलास) से 2 मंत्री और HAM व RLM से एक-एक मंत्री को जगह मिली है।

BJP के कई पुराने मंत्री बाहर

इस बार के कैबिनेट विस्तार में BJP ने अपने कई पुराने चेहरों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। जिन नेताओं को जगह नहीं मिली उनमें मंगल पांडेय, नीरज सिंह बबलू, जीवेश मिश्रा, सुरेंद्र मेहता और संतोष सिंह जैसे नाम शामिल हैं। इनमें से कई नेता पिछली सरकार में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके थे।

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